10 लाख रुपये चाहिए गुजारा भत्ता... क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने खटखटाया SC का दरवाजा

मोहम्मद शमी ने मॉडल हसीन जहां के साथ 2014 में शादी की थी. क्रिकेटर पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए वह 2018 में उनसे अलग हो गई थीं.

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सुप्रीम कोर्ट ने हसीन जहां की याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार और क्रिकेटर मोहम्मद शमी को नोटिस जारी किया है.
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  • SC ने हसीन जहां की गुजारा भत्ता बढ़ाने की याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार और मोहम्मद शमी को नोटिस जारी किया है.
  • हसीन जहां ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए गुजारा भत्ता बढ़ाने की मांग की है.
  • कलकत्ता हाईकोर्ट ने हसीन जहां को डेढ़ लाख और उनकी बेटी को ढाई लाख रुपए गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था.
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नई दिल्ली:

 भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. ये नोटिस हसीन जहां के गुजारा भत्ता बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर जारी किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते में जवाब  मांगा है. इस मामले में अब अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी. बता दें कि हसीन जहां ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी है. दरअसल ⁠कलकत्ता हाईकोर्ट ने हसीन जहां को डेढ लाख रूपये और बेटी के लिए ढ़ाई लाख रूपये गुजारा भत्ता दिए जाने का आदेश दिया था.  हसीन जहां ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुताबिक मिल रहे गुजारा भत्ता को बढ़ाने की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट ने हसीन जहां की याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार और क्रिकेटर मोहम्मद शमी को नोटिस जारी किया है.

10 लाख रुपये गुजारा भत्ते की मांग

याचिका में मांग की गई है कि प्रतिवादी पति को निर्देश दिया जाए कि वह याचिकाकर्ता पत्नी को 7,00,000 लाख हर महीने और नाबालिग बेटी को 3,00,000 लाख रुपये हर महीने अंतरिम भरण-पोषण राशि दे. बता दें मोहम्मद शमी ने मॉडल हसीन जहां के साथ 2014 में शादी की थी. क्रिकेटर पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए वह 2018 में उनसे अलग हो गई थीं. इनकी एक बेटी भी है.

शमी पर लगाए थे गंभीर आरोप

इससे पहले जुलाई महीने में हसीन जहां ने शमी पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया थी. साथ ही कहा था कि वह उनके खिलाफ अपराधियों को हायर कर रहे हैं. एक इंस्टाग्राम पोस्ट में हसीन जहां ने शमी को 'चरित्रहीन, लालची और मतलबी' कहा था. उनकी टिप्पणी कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस फैसले के कुछ दिन बाद आई थी.

हसीन जहां ने पोस्ट में लिखा था, "मेरी आखिरी सांस तक हमारा रिश्ता मजबूत रहेगा, इंशाअल्लाह. अब बस आपको तय करना है कि यह रिश्ता किस तरह का मजबूत होगा. सात साल से हम कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं. तुम्हें इससे क्या हासिल हुआ? चरित्रहीन, लालची और मतलबी होने की वजह से आपने अपने ही परिवार को बर्बाद कर दिया."

जहां ने लिखा, "तुमने पुरुष प्रधान समाज का फायदा उठाया, जबकि असामाजिक लोगों ने मुझे गलत कहा. अब मैं कानून की मदद लूंगी, अपने सभी अधिकारों का दावा करूंगी और खुशी से रहूंगी. अब तुम सोचो, कौन सा सहारा ज्यादा मजबूत है सामाजिक या कानूनी? जिस दिन तुम्हारा बुरा समय शुरू होगा, यही लोग तुम्हारी जिंदगी नरक बना देंगे, इंशाअल्लाह."

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