- संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है और इसके लिए संसद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है.
- CJP के संसद मार्च को दिल्ली पुलिस ने अनुमति नहीं दी है और मार्च के लिए कोई परमिशन नहीं मांगा गया है.
- संसद के आस-पास धारा 163 लागू कर भीड़ जमा होने पर प्रतिबंध लगाया गया है और प्रदर्शन पर रोक है.
संसद का मॉनसून सत्र कल यानी कि 20 जुलाई से शुरू हो रहा है. इससे पहले संसद के आस-पास सुरक्षा की विशेष तैयारी की गई है. जंतर-मंतर पर चल रहे अनशन और कॉकरोज जनता पार्टी के संसद मार्च के ऐलान को देखते हुए संसद के आसपास धारा 163 लगा दी गई है. शनिवार सुबह-सुबह जंतर-मंतर अनशन के प्रमुख चेहरे सोनम वांगचुक को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती करवाया जा चुका है. अब दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को प्रस्तावित संसद मार्च को परमिशन नहीं दिया गया है. मॉनसून सत्र सुचारू रूप से चले कि इसलिए आज सर्वदलीय बैठक हो रही है. कुल मिलाकर सरकार का पूरा जोर मॉनसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने का नजर आता है.
संसदीय कार्य मंत्री ने सभी दलों से की सहयोग की अपील
संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है.
कॉकरोज जनता पार्टी के संसद मार्च को मंजूरी नहीं
कॉकरोज जनता पार्टी के संसद मार्च को मंजूरी नहीं दी गई है. पुलिस के मुताबिक अब तक मार्च के लिए कोई परमिशन दिल्ली पुलिस से नहीं मांगी गई है. पुलिस ने कई बार CJP के लोगों से पूछा कि क्या प्लान है लेकिन CJP की तरफ से नहीं बताया गया. संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, ऐसे में पुलिस किसी तरफ का मार्च संसद के आसपास नहीं होने देगी.
मल्टीलेयर्ड सिक्योरिटी और बैरिकेडिंग के इंतजाम
संसद मार्च को मंजूरी तो नहीं मिली है लेकिन संभावना है कि इसके बाद भी प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े, ऐसे में इन्हें रोकने के लिए मल्टीलेयर्ड सिक्योरिटी और मल्टीलेयर्ड बैरिकेडिंग के इंतजाम किए गए हैं. मालूम हो कि जंतर मंतर से संसद महज 500 मीटर की दूरी पर है. ऐसे में सिक्योरिटी और बैरिकेडिंग तगड़ी की जा रही है. दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों के जवान बड़ी संख्या में सभी महत्वपूर्व जगहों पर तैनात रहेंगे.
सदन परिसर में प्रदर्शन, धरना, हड़ताल, उपवास पर रोक
मॉनसून सत्र को लेकर संसद के सभी सदस्यों से अनुरोध है कि वे किसी भी धार्मिक अनुष्ठान के लिए सदन परिसर का उपयोग प्रदर्शन, धरना, हड़ताल या उपवास के लिए न करें. सांसदों से संसद में पोस्टर, प्लेकार्ड, बैनर आदि नहीं लाने को कहा गया है. बताया गया कि कई पोस्टर, प्लेकार्ड और बैनर पर AI द्वारा तैयार की गई अपमानजनक प्रकृति की तस्वीरें और नारे प्रदर्शित किए जा रहे हैं.
संसद के आसपास 163 BNSS लागू
संसद के आसपास धारा 163 लागू कर दी गई है. जिसके तहत भीड़ जमा करना प्रतिबंधित है. उधर नेशनल कॉन्फ्रेस ने भी 20 जुलाई को जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य के दर्जे को लेकर जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन का एलान किया है. हालांकि की अभी तक दिल्ली पुलिस से इसके लिए कोई परमिशन नहीं मांगी गई है. पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और परिस्थित को देखकर कानून व्यवस्था कैसे कायम करना है उस हिसाब से फैसले लिए जाएंगे.
संसद के आस-पास के लिए ट्रैफिक जारी
मॉनसून सत्र को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी के लोगों के लिए विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. संसद सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही चलने के कारण नई दिल्ली में सुरक्षा-व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी रहेगी. इसके चलते वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट भी बढ़ेगा, जिससे संसद भवन और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रहने की संभावना है. ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा की पहले से योजना बनाएं और जहां तक संभव हो, इन मार्गों से बचें ताकि अनावश्यक जाम में फंसने से बचा जा सके.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, संसद सत्र के दौरान रफी मार्ग, मोतीलाल नेहरू मार्ग, मौलाना आजाद रोड, के. कामराज मार्ग, रायसीना रोड, राजेंद्र प्रसाद रोड, पार्लियामेंट स्ट्रीट, अशोका रोड, तालकटोरा रोड, पंडित पंत मार्ग और रकाबगंज गुरुद्वारा रोड पर ट्रैफिक का दबाव सबसे अधिक रहेगा. इन सड़कों पर समय-समय पर सुरक्षा कारणों से ट्रैफिक को रोका जा सकता है या डायवर्ट किया जा सकता है. ऐसे में इन मार्गों का उपयोग केवल बेहद जरूरी होने पर ही करने की सलाह दी गई है.
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