उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के एक विवादास्पद बयान ने देश के दो राज्यों, उत्तराखंड और बिहार के सियासी गलियारों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है. गिरधारी लाल साहू का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बिहार की बेटियों को लेकर अत्यंत अपमानजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां 20-25 हजार रुपये में लड़कियां मिल जाती हैं. इस असंवेदनशील बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों ने इसे महिला अस्मिता पर बड़ा हमला करार देते हुए सरकार को घेरना शुरू कर दिया है.
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है. आयोग ने इस टिप्पणी को बिहार की गरिमा और नारी शक्ति का घोर अपमान बताते हुए उचित कार्रवाई के संकेत दिए हैं.
🔴#BREAKING | उत्तराखंड: महिलाओं पर गिरधारी लाल साहू की टिप्पणी, कहा- 'बिहार में 25 हजार में मिलती हैं महिलाएं'#Uttarakhand | @ashutoshjourno
— NDTV India (@ndtvindia) January 2, 2026
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बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने एनडीटीवी से खास बातचीत में गिरधारी लाल साहू के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने इस टिप्पणी को पूरी तरह अमर्यादित और निंदनीय करार देते हुए कहा कि बिहार की बेटियां आज दुनिया भर में मिसाल कायम कर रही हैं और राज्य में सरकार बनाने तक में महिलाओं का बड़ा वर्चस्व है. आयोग के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बेटियों के सम्मान के साथ ऐसा खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस अपमान के लिए 'माफी' जैसे शब्द भी बहुत छोटे पड़ेंगे.
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने इस पर स्वत: संज्ञान लिया है. आयोग ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति को औपचारिक पत्र भेजकर उनके बयान पर जवाब मांगा है और उन्हें सार्वजनिक रूप से माफीनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. गिरधारी लाल साहू को अपना स्पष्टीकरण देने के लिए 20 दिनों का समय दिया गया है. आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके खिलाफ न्यायसंगत कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
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