- बेंगलुरु के एमजी रोड पर लैम्बोर्गिनी कार से खतरनाक स्टंट के मामले में फर्जी नंबर प्लेट का उपयोग हुआ था
- कार दिल्ली में रजिस्टर्ड थी लेकिन कर्नाटक की गैरकानूनी नंबर प्लेट लगाकर सड़क पर चलाई गई थी
- पुलिस ने रिकी राय पर धोखाधड़ी और जालसाजी की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है
Rickey Rai Lamborghini Case: बेंगलुरु के एमजी रोड पर आधी रात को लैम्बोर्गिनी कार से खतरनाक स्टंट करने के मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. कब्बन पार्क ट्रैफिक पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि रिकी राय से जुड़ी इस लग्जरी कार में जानबूझकर एक 'फर्जी' रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया गया था. पुलिस के मुताबिक ये केवल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि एजेंसियों को गुमराह करने की एक सोची-समझी कोशिश थी. इस नए खुलासे के बाद अब रिकी राय की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि पुलिस ने अब लापरवाही से गाड़ी चलाने के पुराने आरोपों के साथ-साथ धोखाधड़ी और जालसाजी की गंभीर आपराधिक धाराएं भी जोड़ दी हैं.
आधी रात का वो खतरनाक स्टंट और वायरल वीडियो
यह पूरा वाकया 21 मार्च की रात करीब 2:40 बजे का है. एमजी रोड पर अनिल कुंबले सर्कल के पास एक चमचमाती लैम्बोर्गिनी कार को बीच सड़क पर खतरनाक तरीके से 'ड्रिफ्टिंग स्टंट' करते हुए देखा गया था. जैसे ही इन स्टंट्स के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, तुरंत हरकत में आ गई. शुरुआत में इसे मोटर वाहन अधिनियम के तहत लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला माना गया था, लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इसमें एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आता गया.
दिल्ली की कार और कर्नाटक की 'गायब' नंबर प्लेट
पुलिस जांच में पता चला कि यह कार असल में दिल्ली (DL 1 CT 1515) के नंबर पर रजिस्टर्ड है. लेकिन स्टंट के वक्त इस पर कर्नाटक की नंबर प्लेट (KA 05 NR 0009) लगी हुई थी. जब पुलिस ने आधिकारिक रिकॉर्ड चेक किया तो पता चला कि इस नंबर की कोई प्लेट सरकारी कागजों में मौजूद ही नहीं है. जांच में यह भी साफ हुआ कि रिकी राय ने जनवरी 2026 में इस 'फैंसी नंबर' के लिए आवेदन तो किया था, लेकिन वह प्रक्रिया कभी पूरी नहीं हो पाई थी. इसके बावजूद कार पर गैरकानूनी तरीके से यह नंबर प्लेट लगाकर सड़क पर उतारा गया.
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश और नई धाराएं
अधिकारियों के अनुसार, फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल इसलिए किया गया ताकि कैमरे में कैद होने पर भी असली मालिक तक न पहुंचा जा सके. इसी आधार पर कब्बन पार्क पुलिस ने अब रिकी राय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 340(2) और 341 के तहत मुकदमा दर्ज किया है. ये धाराएं धोखाधड़ी और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ से जुड़ी हैं, जिनमें सजा का कड़ा प्रावधान है.
बचाव में दी गई 'रेत और ड्राइवर' वाली दलील
इससे पहले जब यह मामला कोर्ट पहुंचा था, तो रिकी राय के वकील ने दावा किया था कि रिकी खुद कार नहीं चला रहे थे, बल्कि वह सिर्फ बगल वाली सीट पर बैठे थे और कोई दूसरा ड्राइवर गाड़ी चला रहा था. वकील ने यह दलील भी दी थी कि सड़क पर 'गीली रेत' पड़ी होने की वजह से अचानक ब्रेक लगाने पर कार फिसल गई थी, जिसे लोगों ने स्टंट समझ लिया. इस दलील के आधार पर रिकी को स्थानीय अदालत से जमानत भी मिल गई थी.
दूसरे वीडियो ने खोल दी रिकी की पोल
रिकी राय की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब एक और नया वीडियो पुलिस के हाथ लगा. इस वीडियो में वही लैम्बोर्गिनी पहली वाली जगह से महज 250 मीटर की दूरी पर ठीक वैसे ही खतरनाक स्टंट करती नजर आ रही है. इस दूसरे वीडियो ने रिकी की 'अचानक ब्रेक' और 'हादसे' वाली कहानी को पूरी तरह झुठला दिया है. अब पुलिस इन नए सबूतों के आधार पर रिकी राय के खिलाफ शिकंजा कसने की पूरी तैयारी में है.
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