- केंद्र सरकार ने बाराबंकी से बहराइच तक एक्सेस-कंट्रोल्ड फोरलेन हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी है.
- परियोजना पूरी होने पर लखनऊ से बहराइच की दूरी डेढ़ घंटे में तय की जा सकेगी जिससे यात्रा तेज होगी.
- बाराबंकी-जरवल-बहराइच खंड पर कार्य शुरू हो चुका है और बहराइच-रुपैडीहा के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है.
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी–बहराइच के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है. केंद्र सरकार ने बाराबंकी से बहराइच तक फोरलेन हाईवे के निर्माण को मंजूरी दे दी है. इस परियोजना के पूरा होने के बाद लखनऊ से बहराइच की दूरी महज डेढ़ घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे यात्रियों और स्थानीय कारोबार दोनों को बड़ी सुविधा मिलेगी.
बाराबंकी–बहराइच फोरलेन हाईवे परियोजना... प्वाइंटर में समझिए
- लखनऊ से बाराबंकी, जरवल और बहराइच होते हुए नेपाल की ओर जाने वाला मार्ग अत्यधिक व्यस्त (हाईली कंजेस्टेड) है, जिसके उन्नयन का प्रस्ताव है.
- यातायात को सुगम बनाने और सड़क की संरचनात्मक कमियों को दूर करने के लिए एक्सेस-कंट्रोल्ड 4-लेन हाईवे का निर्माण किया जाएगा, साथ ही सर्विस रोड की व्यवस्था भी होगी.
- बाराबंकी–जरवल–बहराइच खंड पर कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, जबकि बहराइच से रुपैडीहा (नेपाल सीमा) तक के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है.
- परियोजना के पूर्ण होने पर यात्रा समय लगभग 3 घंटे से घटकर 1 घंटे रह जाएगा, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और किफायती बनेगी तथा वाहन संचालन लागत में कमी आएगी.
- बाराबंकी–बहराइच के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को मल्टीमॉडल लिंकेज के साथ जोड़ा जाएगा.
- बहराइच और श्रावस्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जो प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के अनुरूप है.
यातायात को सुगम बनाने और सड़क की संरचनात्मक कमियों को दूर करने के लिए एक्सेस-कंट्रोल्ड 4-लेन हाईवे का निर्माण, साथ में सर्विस रोड की व्यवस्था.
यात्रा को अधिक सुरक्षित और तेज बनाने के लिए समय में कमी और वाहन संचालन लागत में कमी सुनिश्चित की गई है.
बाराबंकी–बहराइच के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी, जिससे आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को मल्टीमॉडल लिंकेज के साथ जोड़ा गया है.
बहराइच और श्रावस्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार, जो PM गतिशक्ति योजना के अनुरूप है.
नेपालगंज सीमा के माध्यम से भारत–नेपाल कनेक्टिविटी को मजबूती, साथ ही रुपैडीहा लैंड पोर्ट तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित की गई है.













