- दिल्ली से अमृतसर जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट ने गो-अराउंड के दौरान पाकिस्तान के एयरस्पेस में एंट्री की
- पाकिस्तान का एयरस्पेस भारत के सभी विमानों के लिए प्रतिबंधित है, जो सीमा तनाव के कारण लगाया गया है
- पाकिस्तान ने भारतीय सिविल और मिलिट्री विमानों पर प्रतिबंध 24 जुलाई तक बढ़ा दिया है
दिल्ली से अमृतसर जा रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट कुछ देर के लिए पाकिस्तान के एयरस्पेस में चली गई. यह विमान अमृतसर एयरपोर्ट पर 'गो-अराउंड' यानी लैंडिंग की कोशिश के बाद दोबारा उड़ान भरने की प्रक्रिया के दौरान पाकिस्तान एयरस्पेस में दाखिल हो गई. एयर इंडिया ने कहा क इस घटना की जानकारी रेगुलेटरी अथॉरिटी को दे दी गई है और इसकी जांच की जा रही है.
एयर इंडिया ने जारी किया बयान
एयरलाइन ने एक बयान में कहा, "22 जून को दिल्ली से अमृतसर जाने वाली फ्लाइट AI479 के क्रू ने अमृतसर एयरपोर्ट पर 'गो-अराउंड' करते समय थोड़ी देर के लिए पाकिस्तान के एयरस्पेस में प्रवेश किया. इस घटना की जानकारी रेगुलेटरी अथॉरिटी को दे दी गई है और इसकी आंतरिक जांच की जा रही है." एयरलाइन ने इस बात पर जोर दिया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
DGCA का बयान आया सामने
इस मामले में DGCA का बयान भी सामने आया है. DGCA ने कहा कि 22 जून 2026 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-479 (दिल्ली-अमृतसर) संचालित की जा रही थी. विमान Airbus A321 (VT-PPV) था. अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंडिंग से पहले रनवे पर पक्षी टकराने की घटना के बाद निरीक्षण चल रहा था. इसी कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को कुछ समय के लिए होल्ड करने को कहा. बाद में एप्रोच के दौरान रडार वेक्टरिंग करते समय विमान थोड़ी देर के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया.
इस दौरान पाकिस्तान के एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारियों के साथ कॉर्डिनेट किया गया. इसके बाद विमान को अमृतसर में उतारने के बजाय दिल्ली डायवर्ट किया गया. विमान ने दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की. DGCA के अनुसार पूरी घटना के दौरान सुरक्षा से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और विमान सुरक्षित रहा.
भारत के विमानों के लिए बंद है पाक का एयरस्पेस
पाकिस्तान का एयरस्पेस भारत के सभी विमानों के लिए बंद है. यह प्रतिबंध मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले और अप्रैल 2025 में सीमा पर बढ़े तनाव के बाद लगाया गया था. तब से, पाकिस्तान लगातार हर महीने इस प्रतिबंध को बढ़ाता रहा है. भारत ने भी पाकिस्तानी विमानों के अपने एयरस्पेस के इस्तेमाल पर जवाबी प्रतिबंध लगा रखा है.
इस महीने की शुरुआत में, पाकिस्तान ने भारतीय सिविल और मिलिट्री विमानों पर प्रतिबंध 24 जुलाई तक बढ़ा दिया था. पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने पिछले हफ्ते जारी एक नोटिस में कहा, 'भारतीय विमानों (सिविल और मिलिट्री दोनों) पर प्रतिबंध 16 जून को शाम 5.50 बजे से 24 जुलाई को सुबह 4.59 बजे तक लागू रहेगा.'
विमानों को तय करना पड़ता है लंबा रास्ता
इस प्रतिबंध के कारण, एयर इंडिया और इंडिगो जैसी भारतीय एयरलाइंस को यूरोप, मध्य एशिया और उत्तरी अमेरिका के लिए अपनी इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए लंबे, वैकल्पिक रास्ते अपनाने पड़ रहे हैं. सीधे उत्तरी कॉरिडोर का इस्तेमाल न कर पाने के कारण, पश्चिम और उत्तर की ओर जाने वाली फ्लाइट्स को अब अरब सागर के ऊपर से घूमकर और UAE, ओमान या अन्य वैकल्पिक कॉरिडोर से होकर जाना पड़ रहा है.
यात्रा का समय लंबा होने के कारण विमानों को ज़्यादा ईंधन ले जाना पड़ता है, जिससे यात्रियों या कार्गो की क्षमता कम हो जाती है. रास्ता बदलने की इन मजबूरियों की वजह से एयरलाइंस पर करोड़ों का आर्थिक बोझ पड़ रहा है और यात्रियों के लिए टिकट की कीमतें भी बढ़ सकती हैं. पाकिस्तानी एयरस्पेस पर पाबंदी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण, भारतीय एयरलाइंस को कभी-कभी अल्माटी और ताशकंद जैसे मध्य एशियाई शहरों के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी हैं.
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