- तेलंगाना ACB ने DSP संकीरेड्डी भीम रेड्डी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जमा करने का केस दर्ज किया है
- जांच में तेलंगाना और कर्नाटक में फ्लैट, प्लॉट, सोना, चांदी और विला सहित कई संपत्तियों का खुलासा हुआ है
- तलाशी के दौरान नकद, सोने के गहने, चांदी की वस्तुएं और बैंक डिपॉजिट समेत कैश बरामद हुई है
तेलंगाना एंटी-करप्शन ब्यूरो ने हैदराबाद में पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज के DSP संकीरेड्डी भीम रेड्डी के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी कर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा किया है. उन पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप है. ACB का कहना है कि अधिकारी ने अपनी नौकरी के दौरान कथित तौर पर भ्रष्टाचार और अन्य गैर-कानूनी तरीकों से भारी संपत्ति जुटाई. इस मामले में ACB की टीमों ने गुरुवार को एक साथ 16 जगहों पर तलाशी ली. इसमें डीएसपी का घर और उनके रिश्तेदारों, दोस्तों, कथित बेनामीदारों और सहयोगियों से जुड़ी संपत्तियां शामिल थीं.
फ्लैट, प्लॉट,सोना, चांदी और भी बहुत कुछ
एसीबी को तलाशी के दौरान तेलंगाना और कर्नाटक में फैली उसकी बड़ी संपत्ति का पता चला. अधिकारियों को प्रॉपर्टी से जुड़े कई अहम दस्तावेज मिले, जिनमें वेसेला मीडोज, इब्राहिमबाग में एक लग्जरी विला (पेंटहाउस वाला G+2 घर), टेलीकॉम नगर, गाचीबोवली और तेल्लापुर में चार रिहायशी फ्लैट, नागोल और पटनचेरु में तीन खाली प्लॉट, मणिकोंडा में G+5 कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में हिस्सेदारी, 3,000 वर्ग फुट की कमर्शियल जगह और कर्नाटक, संगारेड्डी, विकाराबाद और मुचिंताला में 50 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन से जुड़े डॉक्युमेंट्स शामिल थे. एक माइनिंग कंपनी में 75 लाख रुपये का निवेश किए जाने का भी खुलासा हुआ है.
19.91 लाख रुपये के बैंक डिपॉजिट का खुलासा
अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान DSP के घर से 3.6 लाख रुपये नकद और एक कथित बेनामीदार के घर से 40 लाख रुपये बरामद किए. वहीं 2 किलो सोने के गहने और 20 किलो चांदी की चीजें भी जब्त की गईं. करीब 19.91 लाख रुपये के बैंक डिपॉजिट का भी खुलासा हुआ है.
संपत्ति 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की होने का अनुमान
अधिकारियों के मुताबिक, अचल संपत्तियों की नार्केट वैल्यू 200 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है, हालांकि उनकी रजिस्टर्ड कीमत इससे कहीं कम है. जांच टीम को तलाशी के दौरान घर से विदेशी शराब की 23 बोतलें भी मिली हैं. आगे की कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग को सूचित कर दिया गया है.
अन्य लोगों की भूमिका की हो रही जांच
बता दें कि डीएसपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है. ACB ने कहा कि अतिरिक्त संपत्तियों की जांच अभी चल रही है, इसकी कुल कीमत बढ़ सकती है. कथित अवैध संपत्ति की का पता चलाने और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पहचान करने के लिए जांच चल रही है.
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