SC में पहली बार होंगे 3 दलित जज, कॉलेजियम ने जस्टिस वराले की नियुक्ति को लेकर की सिफारिश

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस सीटी रविकुमार दलित हैं. वहीं जस्टिस गवई देश के मुख्य न्यायाधीश भी बनेंगे. 

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इस नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की पूरी क्षमता यानी 34 जज हो जाएगी. (फाइल)
नई दिल्‍ली:

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को एक और जज मिलेगा. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने केंद्र सरकार (Central Government) को सिफारिश भेजी है. कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले (Prasanna B Varale) को सुप्रीम कोर्ट जज नियुक्त करने की सिफारिश की गई है. इस नियुक्ति के बाद जस्टिस वराले सुप्रीम कोर्ट में तीसरे दलित जज होंगे. साथ ही इस नियुक्ति के बाद पहली बार होगा जब सुप्रीम कोर्ट में तीन जज दलित समुदाय से होंगे. 

यह फैसला CJI डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस अनिरुद्ध बोस के कॉलेजियम का है. इस नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की पूरी क्षमता यानी 34 जज हो जाएगी. 

जस्टिस गवई बनेंगे मुख्‍य न्‍यायाधीश 

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस सीटी रविकुमार दलित हैं. वहीं जस्टिस गवई देश के मुख्य न्यायाधीश भी बनेंगे. न्यायमूर्ति बीआर गवई मई से नवंबर 2025 तक मुख्य न्यायाधीश होंगे. 

कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस वराले 

61 साल के जस्टिस वेरेला महाराष्ट्र के औरंगाबाद में डॉ बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट हैं. अक्‍टूबर 2022 में उन्‍होंने कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली थी. 

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