सर्दियों में नहाते समय चक्कर क्यों आते हैं? मामूली दिक्कत या हेल्थ के लिए बड़ा रेड फ्लैग?

Dizziness in Winter Bath: ये दिक्कत कई बार यह शरीर में चल रही किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है. खासकर बुजुर्गों, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हार्ट से जुड़ी दिक्कत वाले लोगों के लिए यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है.

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Dizziness in Winter Bath: सर्दियों में नहाते समय चक्कर आना हमेशा सामान्य नहीं होता.

Why Do We Feel Dizzy Bathing: सर्दियों का मौसम आते ही नहाना कई लोगों के लिए एक चुनौती बन जाती है. ठंडे पानी से नहाने का ख्याल आते ही शरीर सिकुड़ जाता है और कई बार लोग जल्दी-जल्दी नहाने की कोशिश करते हैं. लेकिन, कुछ लोगों के साथ एक अजीब और डराने वाली समस्या होती है, नहाते समय या नहीने के तुरंत बाद चक्कर आना. कई लोग इसे ठंड या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन क्या यह सच में इतनी मामूली बात है?

असल में, सर्दियों में नहाते समय चक्कर आना हमेशा सामान्य नहीं होता. कई बार यह शरीर में चल रही किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है. खासकर बुजुर्गों, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हार्ट से जुड़ी दिक्कत वाले लोगों के लिए यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है. इसलिए जरूरी है कि इस संकेत को हल्के में न लें और इसके पीछ के कारणों को समझें.

ठंडा पानी शरीर पर क्या असर डालता है?

सर्दियों में जब अचानक ठंडा पानी शरीर पर पड़ता है, तो शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं. इसे वेसोकंस्ट्रिक्शन कहा जाता है. इस दौरान ब्लड प्रेशर अचानक ऊपर-नीचे हो सकता है. कुछ लोगों में इससे दिमाग तक ब्लड फ्लो थोड़ी देर के लिए कम हो जाता है, जिससे चक्कर आने लगता है.

इसके अलावा, ठंडे पानी से नहाते समय दिल की धड़कन भी अस्थायी रूप से बदल सकती है. अगर शरीर पहले से कमजोर हो या व्यक्ति खाली पेट नहा रहा हो, तो यह असर और ज्यादा बढ़ सकता है.

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क्या कहती हैं स्टडीज?

कुछ शोधों से पता चलता है कि शरीर के अचानक ठंडे पानी के संपर्क में आने पर नसों का सिकुड़ना और वेस्टिबुलर सिस्टम पर प्रभाव चक्कर आने जैसे लक्षण पैदा कर सकते हैं. जब ब्लड फ्लो बदलता है या संतुलन प्रणाली अस्थिर होती है, तो व्यक्ति को चक्कर महसूस हो सकता है. हालांकि लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देते हैं, लेकिन खासकर वे जिनकी हेल्थ कंडीशन पहले से कमजोर है, उन्हें सावधानी रखनी चाहिए.

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सर्दियों में नहाते समय चक्कर आने के आम कारण | Common Causes of Dizziness While Showering in Winter

1. लो ब्लड प्रेशर

सुबह उठते ही या लंबे समय तक खड़े रहकर नहाने से ब्लड प्रेशर अचानक गिर सकता है, जिससे चक्कर आने लगता है.

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2. डिहाइड्रेशन

ठंड में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पानी की जरूरत उतनी ही होती है. पानी की कमी से ब्लड फ्लो प्रभावित होता है और चक्कर आ सकते हैं.

3. खाली पेट नहाना

सुबह बिना कुछ खाए नहाने से शरीर में शुगर लेवल गिर सकता है, जिससे कमजोरी और चक्कर महसूस हो सकता है.

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4. बहुत ठंडा पानी

बहुत ठंडे पानी से नहाने पर शरीर को झटका लगता है, जिससे दिमाग कुछ समय के लिए सही प्रतिक्रिया नहीं दे पाता.

5. एनीमिया या कमजोरी

शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर दिमाग तक ऑक्सीजन सही मात्रा में नहीं पहुंचती, जिससे चक्कर आने की संभावना बढ़ जाती है.

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कब बन सकता है यह बड़ा रेड फ्लैग?

अगर नहाते समय चक्कर आना बार-बार हो रहा है या इसके साथ ये लक्षण भी दिखें, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है:

  • आंखों के आगे अंधेरा छा जाना.
  • दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना.
  • सांस फूलना.
  • बेहोशी जैसा महसूस होना.
  • सीने में दर्द.

ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

सर्दियों में सुरक्षित नहाने के आसान टिप्स | Easy Tips for Safe Bathing in Winter

  • नहाने से पहले एक गिलास गुनगुना पानी पिएं
  • बहुत ठंडे पानी से न नहाएं, गुनगुना पानी बेहतर है.
  • खाली पेट न नहाएं, हल्का कुछ खाकर ही नहाएं.
  • नहाते समय बहुत देर तक खड़े न रहें.
  • बाथरूम में फिसलन न हो, सहारा लेने की व्यवस्था रखें.

सर्दियों में नहाते समय चक्कर आना हर बार मामूली बात नहीं होती. कभी-कभी यह शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है, लेकिन कई मामलों में यह हेल्थ के लिए बड़ा रेड फ्लैग भी साबित हो सकता है. अपने शरीर के संकेतों को समझना, सावधानी बरतना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना ही सबसे सही तरीका है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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