पतले, कम वजन और फिट दिखने वाले लोगों को Heart Attack क्यों आता है? जानिए लीजिए हैरान करने वाली वजह

Hidden Causes of Heart Attack: विसरल फैट क्या है क्यों घातक है और पतले कम वजन वाले लोग, मोटे और ज्यादा वजन वालों से भी ज्यादा अनहेल्दी कैसे हो सकते हैं? क्यों पतले लोगों में भी आ सकता हार्ट अटैक? जानिए.

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Heart Attack Risk: पतले लोगों में हार्ट अटैक किस कारण से होता है?

Heart Attack Risk Factors: आजकल फिटनेस कोच और हेल्थ एक्सपर्ट्स लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि केवल वजन देखकर स्वास्थ्य का आकलन करना गलत है. एक फिचनेस कोच द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो में विस्तार से बताया कि गया कि विसरल फैट यानी आंतरिक अंगों के आसपास जमा चर्बी क्यों सबसे घातक है और कैसे यह पतले और कम वजन वाले लोगों को भी उतना ही अनहेल्दी बना सकती है जितना मोटे और ज्यादा वजन वाले लोग. आइए जानते हैं कि पतले और कम वजन वाले लोगों को भी हार्ट अटैक क्यों आता है.

विसरल फैट क्या है और क्यों खतरनाक है? | What is visceral fat and why is it dangerous?

विसरल फैट वह चर्बी है जो हमारे लिवर, किडनी, आंतों और हार्ट जैसे जरूरी अंगों के चारों ओर जमा होती है. यह बाहर से दिखाई नहीं देती, लेकिन शरीर के अंदर गंभीर नुकसान पहुंचाती है.

  • यह फैट हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जिससे ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल बिगड़ जाते हैं.
  • यह लगातार इंफ्लेमेशन (सूजन) की स्थिति बनाए रखता है, जिससे धमनियां कमजोर और संकरी हो जाती हैं.
  • लंबे समय तक यह फैट ब्लड क्लॉटिंग को बढ़ावा देता है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का सीधा कारण बन सकता है.

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पतले लोग भी क्यों अनहेल्दी हो सकते हैं?  

फिटनेस कोच ने बताया कि कई लोग पतले दिखते हैं और मानते हैं कि वे हेल्दी हैं. लेकिन, हकीकत यह है कि पतले लोगों में भी विसरल फैट ज्यादा हो सकता है.

- बाहर से दुबले दिखने वाले लोग अंदर से फैट जमा कर सकते हैं.
- ऐसे लोगों में ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल असामान्य हो सकते हैं.
- यही छिपा हुआ फैट उनकी धमनियों को प्रभावित करता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देता है.

इंफ्लेमेशन और क्लॉटिंग का खतरा  

विसरल फैट शरीर में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन पैदा करता है. यह सूजन धीरे-धीरे धमनियों की दीवारों को नुकसान पहुंचाती है. जब धमनियां कमजोर होती हैं, तो उनमें प्लाक जमने लगता है.

  • प्लाक के कारण खून का बहाव रुकता है.
  • शरीर क्लॉटिंग की प्रक्रिया शुरू कर देता है.  
  • यही क्लॉट्स अचानक हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बन सकते हैं.

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बचाव के उपाय  

  • नियमित व्यायाम: कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग विसरल फैट को कम करने में मदद करते हैं.
  • बैलेंस डाइट: प्रोसेस्ड फूड और चीनी से बचें, फाइबर और प्रोटीन लें.  
  • तनाव और नींद: पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन बेहद जरूरी है.
  • नियमित जांच: केवल वजन नहीं, बल्कि कमर का घेरा और ब्लड टेस्ट भी करवाएं.

फिटनेस कोच ने साफ किया कि विसरल फैट एक साइलेंट किलर है. यह केवल मोटे लोगों की समस्या नहीं है, बल्कि पतले लोग भी इसके शिकार हो सकते हैं. इंफ्लेमेशन और क्लॉटिंग की वजह से यह हार्ट अटैक का बड़ा कारण बनता है. इसलिए असली फिटनेस का मतलब है अंदर से हेल्दी रहना, न कि केवल बाहर से पतला दिखना.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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