Hidden Child Emotions: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा खुश, आत्मविश्वासी और सफल बने. वहीं, हर बच्चा भी यही चाहता है कि उसके मम्मी-पापा उसे समझें, उसकी भावनाओं को महसूस करें और बिना डांट-फटकार के उसकी बात सुनें. लेकिन, अक्सर बच्चों और पेरेंट्स के बीच एक अनकही दूरी बन जाती है. बच्चे बहुत कुछ महसूस करते हैं, बहुत कुछ कहना चाहते हैं, मगर डर, झिझक या गलत समझे जाने के कारण चुप रह जाते हैं. असल में बच्चों की दुनिया बहुत संवेदनशील होती है. वे छोटी-छोटी बातों से खुश भी होते हैं और उतनी ही छोटी बातों से आहत भी हो जाते हैं. अगर पेरेंट्स थोड़ी-सी समझदारी और धैर्य दिखाएं, तो बच्चों का दिल आसानी से जीता जा सकता है. आइए जानते हैं वे 5 बातें, जो हर बच्चा चाहता है कि उसके पेरेंट्स समझें.
बच्चों की इन 5 अनकही बातों को समझें पैरेंट्स | 5 Things Parents Need to Know About Their Kids
1. मुझे सिर्फ टॉपर नहीं, इंसान बनना है
बच्चे चाहते हैं कि पेरेंट्स उन्हें केवल नंबरों और रिजल्ट से न आंकें. हर बच्चा पढ़ाई में एक जैसा नहीं होता. कोई खेल में अच्छा होता है, कोई कला में तो कोई बातों से लोगों का दिल जीत लेता है. बच्चे चाहते हैं कि मेरी कोशिशों की तारीफ हो, सिर्फ मार्क्स की नहीं.
2. मेरी बात सुनो, तुरंत जज मत करो
जब बच्चा कुछ शेयर करता है और पेरेंट्स तुरंत डांट देते हैं या लेक्चर देने लगते हैं, तो बच्चा अगली बार चुप रहना बेहतर समझता है. बच्चे चाहते हैं कि पहले मेरी बात पूरी सुनो, फिर समझाओ.
3. मेरी भावनाएं भी सच्ची हैं
कई बार पेरेंट्स बच्चों की परेशानियों को यह कहकर टाल देते हैं अभी तुम्हें क्या टेंशन? बच्चों के लिए उनकी छोटी-सी परेशानी भी बहुत बड़ी हो सकती है. बच्चे चाहते हैं कि मेरी फीलिंग्स को हल्के में मत लो.
4. हर समय तुलना मत करो
देखो शर्मा जी का बेटा… यह वाक्य लगभग हर बच्चे ने सुना है. तुलना बच्चे के आत्मविश्वास को धीरे-धीरे तोड़ देती है. बच्चे चाहते हैं कि मुझे मेरी पहचान के साथ स्वीकार करो, किसी और से तुलना मत करो.
5. प्यार दिखाओ, सिर्फ जताओ नहीं
पेरेंट्स अक्सर कहते हैं, हम सब तुम्हारे लिए ही कर रहे हैं. यह सच भी होता है, लेकिन बच्चों को प्यार महसूस होना चाहिए. एक गले लगाना, पीठ थपथपाना या यह कहना हमें तुम पर गर्व है बच्चे के लिए बहुत मायने रखता है. बच्चे चाहते हैं कि प्यार शब्दों और व्यवहार में दिखे.
बच्चे कोई शिकायतों की लिस्ट लेकर पैदा नहीं होते. वे सिर्फ समझ, प्यार और अपनापन चाहते हैं. अगर पेरेंट्स बच्चों की इन अनकही बातों को समझ लें, तो रिश्ता और भी मजबूत हो सकता है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














