मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं का समाधान है आर्युर्वेदिक का ये 'त्रिवेणी संयोजन', जानिए कैसे करना है सेवन

आजकल हम सब अपने मेंटल हेल्थ को लेकर काफी परेशान रहते हैं. कभी ओवरथिंकिंग, कभी बेचैनी, कभी याददाश्त कमजोर लगना जैसी छोटी-छोटी चीजें हमारे रोजमर्रा के काम और मूड को प्रभावित कर देती हैं.

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आर्युर्वेद में छिपा है हर समस्या का इलाज.

आजकल हम सब अपने मेंटल हेल्थ को लेकर काफी परेशान रहते हैं. कभी ओवरथिंकिंग, कभी बेचैनी, कभी याददाश्त कमजोर लगना जैसी छोटी-छोटी चीजें हमारे रोजमर्रा के काम और मूड को प्रभावित कर देती हैं. आयुर्वेद में इसे अलग नजरिए से देखा जाता है और इसके लिए एक खास त्रिवेणी संयोजन भी बताया गया है. आयुर्वेद में दिमाग को सिर्फ 'सोचने का अंग' नहीं माना गया, बल्कि इसे मन, बुद्धि और स्मृति का केंद्र माना गया है. जब इन सब में असंतुलन आता है, तो दिमाग का काम ठीक से नहीं होता. ऐसे में आयुर्वेद का एक खास त्रिवेणी संयोजन, यानी वचा, ब्राह्मी और शंखपुष्पी काम आता है.

क्या है त्रिवेणी संयोजन

वचा दिमाग के रास्ते को साफ करती है. यह जड़ता और सुस्ती को दूर करने में मदद करती है, जिससे हम थोड़ा जागरूक और चुस्त महसूस करते हैं. ब्राह्मी पूरी तरह से पोषण और शक्ति देती है. इसका असर धीरे-धीरे होता है, लेकिन लंबे समय तक दिमाग को मजबूत बनाता है. शंखपुष्पी मन को शांति देती है. जब बेचैनी या नींद में खलल हो, तो यह उसे संतुलित कर देती है. तीनों मिलकर ऐसा संतुलन बनाते हैं कि दिमाग तेज भी रहता है और शांत भी.

कब और कितनी मात्रा में करे सेवन

इनको एक साथ लेना जरूरी है, लेकिन सही समय और सही मात्रा में. उदाहरण के लिए, सुबह वचा कम मात्रा में लेना चाहिए और ब्राह्मी और शंखपुष्पी शाम या रात को. ऐसा करने से यह संयोजन दिमाग को उत्तेजित या शांत करने की बजाय सही तरीके से संतुलित करता है. इससे फोकस बढ़ता है, स्मृति मजबूत होती है और मन हल्का महसूस करता है.

इन बातों का भी रखें ध्यान

अगर आप मानसिक दबाव, पढ़ाई, काम या बस रोजमर्रा की बेचैनी से परेशान हैं, तो यह संयोजन बहुत मददगार साबित हो सकता है. लेकिन, ध्यान रखें, किसी भी आयुर्वेदिक दवा की तरह इसे भी सही मात्रा, सही व्यक्ति और सही समय के अनुसार ही लेना चाहिए. ब्लड प्रेशर, थायरॉयड या अन्य दवाइयां चल रही हों तो पहले वैद्य से सलाह लेना जरूरी है.

अगर आप चाहते हैं कि आपका दिमाग तेज भी रहे और मन शांत भी, तो वचा, ब्राह्मी और शंखपुष्पी का यह आयुर्वेदिक त्रिवेणी संयोजन आजमा सकते हैं. यह सिर्फ दिमाग की क्षमता बढ़ाने वाला नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और शांति देने वाला भी है. सही मात्रा और सही समय के साथ इसे अपनाकर आप अपने दिमाग का पूरा ख्याल रख सकते हैं.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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