Shirodhara Therapy For Migraine: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में मोबाइल, लैपटॉप और स्क्रीन पर घंटों बिताया जाने वाला समय हमारी सेहत पर गहरा असर डाल रहा है. देर रात तक जागना, अनियमित खानपान, काम का दबाव और मानसिक तनाव अब आम बात हो गई है. इसका नतीजा यह है कि अनिद्रा, माइग्रेन, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, चिंता और लगातार थकान जैसी समस्याएं लोगों को परेशान करने लगी हैं. दवाइयों से कुछ समय के लिए राहत तो मिल जाती है. लेकिन, स्थायी समाधान नहीं मिलता. ऐसे में आयुर्वेद की एक प्राचीन और बेहद असरदार थेरेपी शिरोधारा आज फिर से चर्चा में है.
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शिरोधारा क्या है? (What is Shirodhara)
शिरोधारा आयुर्वेद की एक स्पेशल मेडिकल ट्रीटमेंट है, जिसमें गुनगुना औषधीय तेल, दूध या जड़ी-बूटियों का काढ़ा एक खास विधि से लगातार माथे के बीचों-बीच डाला जाता है. यह धारा कुछ तय समय तक बिना रुके बहती रहती है. आयुर्वेद के अनुसार, इससे मस्तिष्क को गहरी शांति मिलती है और शरीर की नसें रिलैक्स होती हैं. यही वजह है कि इसे मानसिक और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याओं में बेहद लाभकारी माना जाता है.
अनिद्रा और तनाव में कैसे मदद करती है?
शिरोधारा का सबसे बड़ा लाभ अनिद्रा में देखा जाता है. जो लोग रात भर करवटें बदलते रहते हैं या नींद बार-बार टूट जाती है, उनके लिए यह थेरेपी बहुत कारगर साबित होती है. माथे पर गिरती गर्म धारा दिमाग को शांत करती है, विचारों की भागदौड़ को धीमा करती है और प्राकृतिक नींद लाने में मदद करती है. साथ ही यह तनाव, बेचैनी और चिंता को भी धीरे-धीरे कम करती है.
माइग्रेन और सिरदर्द में राहत
लगातार सिरदर्द, माइग्रेन, आंखों के सामने चमक आना या उल्टी जैसा महसूस होना, इन सभी लक्षणों में शिरोधारा से काफी राहत मिल सकती है. यह सिर की मांसपेशियों और नसों को ढीला करती है, जिससे दर्द की तीव्रता कम होती है और बार-बार होने वाले माइग्रेन अटैक में भी सुधार देखा जाता है.
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शिरोधारा के त्वचा और बालों के लिए फायदे | Benefits of Shirodhara for Skin and Hair
शिरोधारा सिर्फ मानसिक शांति तक सीमित नहीं है. यह त्वचा की सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। नियमित शिरोधारा से चेहरे पर चमक आती है, झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा को पोषण मिलता है. वहीं बालों की बात करें तो यह स्कैल्प में रक्त संचार बढ़ाकर बालों की जड़ों को मजबूत करती है, जिससे बाल झड़ना और डैंड्रफ जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं.
क्या कहता है आयुष मंत्रालय?
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भी शिरोधारा को एक प्रभावी आयुर्वेदिक चिकित्सा मानता है, जो मानसिक तनाव, अनिद्रा और अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं में सहायक हो सकती है.
जरूरी सावधानी:
हालांकि शिरोधारा को सुरक्षित थेरेपी माना जाता है. लेकिन, इसे खुद से घर पर करने की गलती नहीं करनी चाहिए. सही तेल, सही तापमान और सही विधि बेहद जरूरी है. इसलिए हमेशा किसी प्रशिक्षित आयुर्वेदिक चिकित्सक या प्रमाणित सेंटर की देखरेख में ही शिरोधारा करवाएं, ताकि पूरा लाभ मिल सके और किसी तरह की परेशानी न हो.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














