पीएम मोदी (PM Modi) ने आज अजमेर से 14 साल की लड़कियों के लिए देशव्यापी HPV वैक्सीनेशन प्रोग्राम की शुरुआत कर दी है. यह अभियान सिर्फ एक टीकाकरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) जैसी गंभीर बीमारी से बचाने की मजबूत पहल है. भारत में हर साल हजारों महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से प्रभावित होती हैं. इस बीमारी का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है, जो अक्सर बिना लक्षण के शरीर में प्रवेश कर जाता है. अच्छी बात यह है कि अब इस वायरस से बचाव संभव है और वह भी मुफ्त टीकाकरण के जरिए.
14 साल की उम्र ही क्यों चुनी गई?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेश की 2022 की सिफारिशों के अनुसार, HPV वैक्सीन का सबसे ज्यादा लाभ तब मिलता है जब इसे वायरस के संपर्क से पहले लगाया जाए. 14 साल की उम्र में शरीर की इम्यूनिटी मजबूत प्रतिक्रिया देती है, जिससे लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है. WHO के अनुसार, कई मामलों में एक खुराक (Single Dose) भी पर्याप्त सुरक्षा दे सकती है, जो दो खुराक जितनी प्रभावी पाई गई है. हालांकि, जिन बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर है, उनके लिए डॉक्टर दो या तीन डोज की सलाह दे सकते हैं.
कहां और कैसे लगेगा टीका?
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि टीकाकरण देश के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध हो:
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)
- जिला अस्पताल
- सरकारी मेडिकल कॉलेज
हर वैक्सीनेशन सेंटर पर ट्रेंड मेडिकल ऑफिसर्स की देखरेख में टीकाकरण होगा. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और व्यवस्थित हो.
क्या है HPV वैक्सीनेशन का पूरा प्रोसेस? | What Is The Complete Process of HPV Vaccination?
1. पात्रता की पुष्टि
यह अभियान मुख्य रूप से 14 साल की लड़कियों के लिए है. स्कूल और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग पात्र बच्चियों की सूची तैयार करेंगे.
2. रजिस्ट्रेशन
स्कूलों में पढ़ने वाली बच्चियों का डेटा पहले से दर्ज रहेगा. जो बच्चियां स्कूल में नहीं हैं, वे नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर रजिस्ट्रेशन करवा सकती हैं. आधार कार्ड या स्कूल आईडी साथ रखना उपयोगी रहेगा.
3. अभिभावक की सहमति
टीका लगाने से पहले माता-पिता या अभिभावक की लिखित सहमति जरूरी होगी.
4. टीकाकरण प्रक्रिया
बाजू में इंजेक्शन लगाया जाएगा, पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है. प्रशिक्षित नर्स या डॉक्टर टीका लगाएंगे.
5. ऑब्जर्वेशन और सुरक्षा
टीका लगने के बाद 15-30 मिनट तक बच्ची को सेंटर पर ही रखा जाएगा. यह निगरानी इसलिए जरूरी है ताकि अगर कोई दुर्लभ दुष्प्रभाव हो, तो तुरंत उसका इलाज किया जा सके. सरकार ने हर सेंटर पर इमरजेंसी मैनेजमेंट की पूरी व्यवस्था की है.
क्या यह सच में मुफ्त है?
जी हां. इस राष्ट्रीय अभियान के तहत पात्र आयु वर्ग की बेटियों को HPV वैक्सीन पूरी तरह मुफ्त दी जाएगी. निजी अस्पतालों में यह वैक्सीन पहले से उपलब्ध है, लेकिन वहां इसकी कीमत काफी ज्यादा हो सकती है. इसलिए सरकारी अभियान का लाभ उठाना समझदारी है.
भारत अब ग्लोबल लिस्ट में शामिल
HPV टीकाकरण कार्यक्रम लागू करने के साथ ही भारत उन 160 से ज्यादा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने पहले से इस वैक्सीन को अपने राष्ट्रीय कार्यक्रम में अपनाया है. दुनियाभर में 2006 से अब तक 50 करोड़ से ज्यादा खुराकें दी जा चुकी हैं. शोध बताते हैं कि यह टीका 93% से 100% तक प्रभावी पाया गया है. यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि HPV वैक्सीन सुरक्षित और भरोसेमंद है.
माता-पिता के लिए जरूरी बातें:
- अफवाहों और गलत जानकारी से बचें.
- टीका लगने से पहले बच्ची को हल्का भोजन जरूर कराएं.
- अगर किसी प्रकार की एलर्जी या स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर को पहले बताएं.
- टीकाकरण कार्ड सुरक्षित रखें.
सुरक्षित भविष्य की ओर बड़ा कदम
HPV वैक्सीनेशन अभियान सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बेटियों के उज्जवल और स्वस्थ भविष्य की नींव है. समय पर टीकाकरण न केवल सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करेगा, बल्कि देश को एक स्वस्थ समाज की दिशा में आगे बढ़ाएगा.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)













