सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पत्नी द्वारा घर का काम ठीक से न करने को मानसिक क्रूरता नहीं माना जा सकता. कोर्ट ने पति से घरेलू कामों में सहयोग करने और समय के अनुसार रिश्ते बदलने की बात कही. पति-पत्नी के बीच विवाद में दोनों को व्यक्तिगत रूप से अगली सुनवाई के लिए पेश होने को कहा गया.