Health Risks of Visceral Fat: अक्सर जब हम आईने में पेट निकला हुआ देखते हैं या वजन मशीन पर नंबर बढ़ता हुआ पाते हैं, तो हम इसे सिर्फ एक लुक्स की समस्या मान लेते हैं. थोड़ी तोंद है, डाइट ठीक कर लेंगे, ऐसी बातें कहकर हम खुद को समझा लेते हैं. लेकिन, सच्चाई इससे कहीं ज्यादा गंभीर है. फूड वॉरियर, फिटनेस कोच और न्यूट्रिशनिस्ट उर्वशी अग्रवाल ने बताया कि पेट के आसपास जमा चर्बी केवल बाहर की चर्बी नहीं होती, बल्कि यह विसरल फैट होता है, जो सीधे आपकी सेहत पर हमला करती है.
क्या होता है विसरल फैट?
विसरल फैट वह चर्बी है जो पेट के अंदर, हमारे जरूरी अंगों जैसे लिवर, आंत और पैंक्रियाज के आसपास जमा होती है. यही फैट सबसे खतरनाक मानी जाती है क्योंकि यह चुपचाप शरीर के अंदर नुकसान करती रहती है. बाहर से इंसान बहुत ज्यादा मोटा न भी दिखे, तब भी उसके अंदर विसरल फैट ज्यादा हो सकती है.
किन बीमारियों से जुड़ी है पेट की चर्बी?
उर्वशी अग्रवाल बताती हैं कि विसरल फैट का सीधा संबंध कई गंभीर बीमारियों से है, जैसे हार्ट डिजीज, टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर, हार्मोनल इंबैलेंस. यानी पेट की चर्बी सिर्फ आपकी पैंट टाइट नहीं करती, बल्कि बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ा देती है.
यह चर्बी बढ़ती क्यों है?
आज की लाइफस्टाइल इसका सबसे बड़ा कारण है. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा शुगर, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट (मैदा, सफेद ब्रेड, बेकरी आइटम) ये सब चीजें शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस और सूजन बढ़ाती हैं, जिससे विसरल फैट तेजी से जमा होती है.
असली समस्या है बीमारी दिखती नहीं:
सबसे खतरनाक बात यह है कि लोग सिर्फ वजन बढ़ने को नोटिस करते हैं, लेकिन अंदर जो बीमारी की प्रक्रिया चल रही होती है, उसे नहीं समझते. पेट की चर्बी शरीर में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन यानी लगातार सूजन पैदा करती है. यही सूजन धीरे-धीरे इम्यून सिस्टम को कमजोर करती है और शरीर को बीमारियों के लिए तैयार कर देती है.
वजन नहीं, क्वालिटी देखिए
उर्वशी अग्रवाल का साफ कहना है कि हेल्थ को सिर्फ वजन मशीन से नहीं समझा जा सकता. दो लोगों का वजन एक जैसा हो सकता है, लेकिन एक अंदर से हेल्दी हो और दूसरा अंदर से बीमार. असली फर्क आता है आप क्या खाते हैं, कितना प्रोसेस्ड खाना खाते हैं, कितनी शुगर और पैकेट फूड आपकी थाली में है.
पेट की चर्बी को हल्के में लेना सबसे बड़ी गलती है. यह सिर्फ देखने की समस्या नहीं, बल्कि शरीर का SOS सिग्नल है. अगर समय रहते खान-पान की क्वालिटी सुधारी जाए, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड कम किया जाए और असली, सादा खाना अपनाया जाए, तो न सिर्फ पेट की चर्बी घटती है, बल्कि शरीर अंदर से भी मजबूत बनता है.
(रिपोर्ट : आदित्य झा)
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














