दिल्ली में मौतों के कारणों को लेकर सामने आए ताज़ा आंकड़े चिंता का संकेत दे रहे हैं. Annual Report on Registration of Births & Deaths in Delhi 2024 के अनुसार, अस्पतालों में दर्ज कुल मौतों में ब्लड इंफेक्शन यानी सेप्टीसीमिया और दिल से जुड़ी बीमारियां बड़ी वजह बनकर उभरी हैं. रिपोर्ट बताती है कि साल 2024 में 11.63 प्रतिशत मौतें सेप्टीसीमिया के कारण हुईं, जबकि 10.06 प्रतिशत मौतों की वजह दिल की बीमारियां रहीं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये बीमारियां बिना ज्यादा चेतावनी दिए जानलेवा रूप ले लेती हैं, इसलिए इन्हें Silent Killer कहा जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023 में दिल्ली के अस्पतालों में दर्ज कुल मौतों में सेप्टीसीमिया (Blood Infection) से लगभग 10.8% मौतें हुईं, जबकि दिल की बीमारियों (Heart Diseases) की करीब 9.5% रही . वहीं, हीं 2024 में स्थिति और गंभीर होती दिखी. रिपोर्ट के अनुसार, सेप्टीसीमिया से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 11.63% हो गया, और दिल की बीमारियों से होने वाली मौतें 10.06% तक पहुंच गईं.
सेप्टीसीमिया क्यों है ज्यादा खतरनाक
सेप्टीसीमिया एक गंभीर ब्लड इंफेक्शन है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम ही इंफेक्शन के खिलाफ जरूरत से ज्यादा रिएक्शन देने लगता है. शुरुआती दौर में इसके लक्षण आम बुखार जैसे लग सकते हैं, लेकिन कुछ ही घंटों में स्थिति बिगड़ सकती है. कमजोर इम्यूनिटी, डायबिटीज, लंबे समय तक अस्पताल में रहना और देर से इलाज इसकी बड़ी वजहें मानी जाती हैं. Blood Infection Symptoms को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली में सबसे ज्यादा जान ले रही हैं ये 5 बीमारियां, लिस्ट जानकर चौंक जाएंगे आप
दिल की बीमारियों का बढ़ता खतरा
दिल से जुड़ी बीमारियां, खासकर हार्ट डिजीज और पल्मोनरी सर्कुलेशन डिसऑर्डर (Pulmonary Circulation Disorders), आज भी बड़ी संख्या में मौतों का कारण बन रही हैं. हाई ब्लड प्रेशर, अनियंत्रित शुगर, स्ट्रेस, खराब लाइफस्टाइल और फिजिकल एक्टिविटी की कमी से यह खतरा लगातार बढ़ रहा है. कई मामलों में मरीज को तब पता चलता है जब कंडीशन गंभीर हो चुकी होती है.
समय पर पहचान से हो सकता बै बचाव
डॉक्टरों के अनुसार, बुखार के साथ कंपकंपी, तेज सांस, उलझन या अचानक कमजोरी सेप्टीसीमिया के संकेत हो सकते हैं. वहीं सीने में दर्द, सांस फूलना और अचानक थकान दिल की बीमारी के लक्षण हैं. जल्दी पता लगना और समय पर इलाज से इन साइलेंट किलर्स से जान बचाई जा सकती है.
Gurudev Sri Sri Ravi Shankar on NDTV: Stress, Anxiety, से लेकर Relationship, Spirituality तक हर बात
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














