Disturbance In Periods Can Be The Cause Of These 3 Diseases, Ladies May Have To Repent After Getting Circumcised

कभी कभी सात दिनों से अधिक पीरियड्स रहना या चार दिन से कम, लगातार तीन बार पीरियड मिस होना, बहुत अधिक दर्द और ऐंठन महसूस होना भी अनियमित पीरियड्स के लक्षण हैं.

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सामान्य मासिक धर्म चक्र यानी पीरियड साइकिल 21 दिनों से लेकर 35 दिनों तक हो सकता है.
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  • कुछ गंभीर बीमारियां हैं जिनकी वजह से पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं.
  • पीरियड्स में गड़बड़ी को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
  • यहां लेडीज के लिए जरूरी जानकारी है.
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अधिकतर महिलाओं में पीरियड्स चार से सात दिनों तक रहता है. पीरियड्स आमतौर पर हर 28 दिनों में होते हैं, हालांकि सामान्य मासिक धर्म चक्र यानी पीरियड साइकिल 21 दिनों से लेकर 35 दिनों तक हो सकता है. लेकिन कई बार इस अवधि में गड़बड़ी के मामले भी सामने आते हैं, जिसे अनियमित पीरियड्स कहा जाता है. इसके अलावा कभी कभी सात दिनों से अधिक पीरियड्स रहना या चार दिन से कम, लगातार तीन बार पीरियड मिस होना, बहुत अधिक दर्द और ऐंठन महसूस होना भी अनियमित पीरियड्स के लक्षण हैं. आपको भी ये लक्षण दिख रहे हैं तो इसे नजरअंदाज न करें क्योंकि कभी-कभी ये खतरनाक बीमारी का संकेत हो सकते हैं.

अनियमित पीरियड्स हो सकते हैं इन बीमारियों का संकेत | Irregular periods can Be A Sign Of These Diseases

1) पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी)

ये एक जीवाणु संक्रमण है जो महिला प्रजनन प्रणाली को प्रभावित करता है. बैक्टीरिया यौन संपर्क के जरिए योनि में प्रवेश कर सकते हैं और गर्भाशय और ऊपरी जननांग पथ में फैल सकते हैं. स्त्री रोग संबंधी प्रक्रियाओं या बच्चे के जन्म, गर्भपात के माध्यम से भी बैक्टीरिया प्रजनन पथ में प्रवेश कर सकते हैं.

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इस बीमारी में महिलाओं को अनियमित पीरियड्स होते हैं और पेट के निचले हिस्से में दर्द, बुखार, मतली, उल्टी या दस्त भी हो सकती है.स्त्री रोग संबंधी प्रक्रियाओं या बच्चे के जन्म, गर्भपात के माध्यम से भी बैक्टीरिया प्रजनन पथ में प्रवेश कर सकते हैं. इस बीमारी में महिलाओं को अनियमित पीरियड्स होते हैं और पेट के निचले हिस्से में दर्द, बुखार, मतली, उल्टी या दस्त भी हो सकती है.

2) पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस)

पीसीओएस में अंडाशय बड़ी मात्रा में एण्ड्रोजन बनाते हैं, जो पुरुष हार्मोन हैं. अंडाशय में द्रव से भरी छोटी थैली (सिस्ट) बन सकती हैं. इन्हें अक्सर अल्ट्रासाउंड के जरिए देखा जा सकता है. हार्मोनल बदलाव अंडे को परिपक्व होने से रोकते हैं और इसलिए ओव्यूलेशन की प्रक्रिया प्रभावित होती है. कभी-कभी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम वाली महिला को अनियमित पीरियड्स होते हैं या कभी-कभी पीरियड्स पूरी तरह बंद भी हो सकते हैं. इस स्थिति में मोटापे, बांझपन और चेहरे पर बाल आ सकते हैं.

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3) कैंसर

पीरियड्स का न आना या अनियमित पीरियड्स गर्भाशय कैंसर या सर्वाइकल कैंसर के लक्षण भी हो सकते हैं. अनियमित पीरियड्स होने पर डॉक्टर से जरूर संपर्क करें ताकि समय रहते आप स्थिति का इलाज करा पाएं.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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