पहाड़ों पर बर्फ, शहरों में ठिठुरन, शीतलहर का खतरनाक साइड इफेक्ट है हाइपोथर्मिया, जानें क्या है ये और शुरुआती लक्षण

Hypothermia: अक्सर लोग ठंड में कांपने, सुस्ती या हाथ-पैर सुन्न होने को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. इसी ठंड का एक खतरनाक असर है हाइपोथर्मिया, जिसके बारे में बहुत कम लोग सही जानकारी रखते हैं.

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Hypothermia: अक्सर लोग ठंड में कांपने, सुस्ती या हाथ-पैर सुन्न होने को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं.

Winter Health Risks: पहाड़ों पर बर्फबारी किसी तस्वीर की तरह खूबसूरत जरूर लगती है, लेकिन इसके साथ आने वाली शीतलहर कई बार जानलेवा साबित हो सकती है. जैसे-जैसे पहाड़ों में बर्फ जमती है, वैसे-वैसे ठंडी हवाएं मैदानों की ओर बढ़ती हैं. तापमान तेजी से गिरता है और शरीर की गर्मी को संभाल पाना मुश्किल हो जाता है. इसी ठंड का एक खतरनाक असर है हाइपोथर्मिया, जिसके बारे में बहुत कम लोग सही जानकारी रखते हैं. अक्सर लोग ठंड में कांपने, सुस्ती या हाथ-पैर सुन्न होने को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन, यही शुरुआती संकेत आगे चलकर गंभीर स्थिति में बदल सकते हैं. खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चे, पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग, खुले में काम करने वाले मजदूर और ट्रैवलर्स इसके ज्यादा शिकार होते हैं. बर्फबारी और शीतलहर के मौसम में हाइपोथर्मिया को समझना और समय पर पहचानना बेहद जरूरी हो जाता है.

हाइपोथर्मिया क्या है? | What is Hypothermia?

हाइपोथर्मिया एक ऐसी स्थिति है, जब शरीर का तापमान सामान्य स्तर (लगभग 37 डिग्री सेल्सियस) से नीचे गिरकर 35 डिग्री या उससे कम हो जाता है. शरीर अंदर से ठंडा होने लगता है और जरूरी अंगों तक सही तरीके से गर्मी नहीं पहुंच पाती. अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह स्थिति जान के लिए खतरा बन सकती है.

हाइपोथर्मिया के शुरुआती लक्षण (Early Symptoms of Hypothermia)

  • लगातार और तेज कंपकंपी
  • हाथ-पैर सुन्न पड़ना
  • बोलने में लड़खड़ाहट
  • बहुत ज्यादा थकान या सुस्ती
  • त्वचा का पीला या नीला पड़ना
  • सोचने-समझने में दिक्कत

किन लोगों को ज्यादा खतरा?

  • बुजुर्ग और छोटे बच्चे
  • शराब का सेवन करने वाले लोग
  • बेघर या खुले में रहने वाले लोग
  • पहाड़ों पर ट्रेकिंग या यात्रा करने वाले पर्यटक
  • लंबे समय तक ठंडे पानी या बर्फ में रहने वाले लोग

हाइपोथर्मिया से कैसे बचें? | How to prevent hypothermia?

  • ठंड में कई परतों वाले गर्म कपड़े पहनें
  • सिर, हाथ और पैरों को ढककर रखें
  • गीले कपड़े तुरंत बदलें
  • गर्म पेय और भोजन लेते रहें
  • शराब से बचें, यह शरीर को अंदर से ठंडा करती है
  • ज्यादा ठंड लगने पर तुरंत गर्म जगह पर जाएं

कब डॉक्टर के पास जाएं?

अगर किसी व्यक्ति को तेज ठंड के साथ बोलने में दिक्कत, बेहोशी, या शरीर बहुत ज्यादा ठंडा महसूस हो, तो देर न करें. तुरंत मेडिकल मदद लें. समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती है.

बर्फबारी और शीतलहर सिर्फ मौसम की खबर नहीं होती, बल्कि सेहत से जुड़ी चेतावनी भी होती है. हाइपोथर्मिया को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. ठंड के इस मौसम में सतर्क रहें, खुद को और अपनों को सुरक्षित रखें.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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