Protein Myths: शरीर के लिए प्रोटीन (Protein) बेहद आवश्यक है. यही सबसे बड़ा सच है. मैक्रोन्यूट्रिएंट शरीर के लिए बहुत जरूरी है. हेल्थ एक्सपर्ट और डॉक्टर्स प्रोटीन को बेस्ट मेडिसिन बताते हैं. प्रोटीन शरीर में कोशिकाओं, उत्तकों और शरीर के बाकी अंगों को एक्टिव करता है. तो जरूरी यह है कि प्रोटीन युक्त भोजन ही करना चाहिए, क्योंकि शरीर प्रोटीन चैन को बनाने वाले कई अमीनो एसिड का मिश्रण करता है, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, जिन्हें शरीर उत्पन्न नहीं कर सकता. इस बात पर काफी बहस होती है कि शरीर को कितनी मात्रा में, किस रूप में इसकी आवश्यकता है और क्या यह मैक्रोन्यूट्रिएंट अधिक वजन कम करने या अधिक मांसपेशियां बनाने में मदद कर सकता है. साथ ही प्रोटीन को लेकर कई झूठ या कहें मिथक फैलाए जाते हैं. आइए जानते हैं प्रोटीन से जुड़े ये 8 मिथक और क्या है सच.
प्रोटीन से जुड़े 10 मिथकों की सच्चाई | Myths About Protein And Truth
मिथक 1: प्रोटीन किडनी को नुकसान पहुंचाता है?
सच- नहीं: डॉक्टर्स का मानना है कि यह पूरी तरह गलत है कि प्रोटीन से किडनी को नुकसान पहुंचता है. बल्कि उनका कहना है कि इसकी कमी से किडनी कमजोर होने लगती है. लेकिन जिन लोगों को किडनी से जुड़ी समस्या है, उन्हें प्रोटीन की मात्रा कम लेनी चाहिए.
मिथक 2: दाल रोटी में प्रोटीन के लिए काफी है?
सच- नहीं: हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि दाल-रोटी से मिलने वाला प्रोटीन शरीर के लिए पर्याप्त नहीं है.
मिथक 3: प्रोटीन सिर्फ बॉडी बिल्डर के लिए जरूरी है?
सच- नहीं: प्रोटीन सबके लिए है. बॉडी हीलिंग, इम्यूनिटी, मसल्स, हड्डियों को मजबूत बनाने और एक्टिव रहने के लिए सभी को प्रोटीन की भरपूर मात्रा की जरूरत है.
मिथक 4 : प्रोटीन से वजन बढ़ता है?
सच- नहीं: एक्सपर्ट का मानना है कि कार्बोहाइड्रेट और फैट से वजन बढ़ता है, जबकि प्रोटीन शरीर को एक्टिव बनाता है.
मिथक 5: प्रोटीन से यूरिक एसिड बढ़ता है?
सच- नहीं: एक्सपर्ट की मानें तो प्लांट प्रोटीन से यूरिक एसिड नहीं बढ़ता है. बस शरीर को हाइड्रेट रखें. एक्सपर्ट के अनुसार, एनिमल प्रोटीन और अल्कोहल से यूरिक एसिड बढ़ता है.
मिथक 6: मिल्क, पनीर और अंडे वयस्कों के लिए प्रोटीन के लिहाज से बहुत ज्यादा हैवी होते हैं?
सच- नहीं: मिल्क, पनीर और अंडों में भरपूर प्रोटीन होता है और वयस्कों को ही सबसे ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है.
मिथक 7: एक प्रोटीन मील ही पर्याप्त है ?
सच- नहीं: शरीर में प्रोटीन की मात्रा को पूरा करने के लिए सिर्फ वन प्रोटीन मील पर्याप्त नहीं है. हर मील से प्रोटीन की मात्रा को पूरा करना है. इससे शरीर दिनभर एक्टिव रहेगा.
मिथक 8: शाकाहारी लोगों की प्रोटीन नीड पूरी नहीं होती?
सच- नहीं: हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि शाकाहारी लोगों की प्रोटीन नीड पूरी नहीं होती. शाकाहारी लोग के पास प्रोटीन के लिए कई विकल्प है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














