Food Swaps For Longevity: आज के समय में उम्र बढ़ना अपने आप में समस्या नहीं है, लेकिन उम्र के साथ आने वाली बीमारियां जरूर चिंता का कारण बन जाती हैं. हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, दिल की दिक्कतें, कमजोर पाचन और कम होती इम्यूनिटी ये सब आजकल बुजुर्गों में आम होती जा रही हैं. ऐसे में हर माता-पिता और उनकी संतान यही चाहती है कि बढ़ती उम्र में भी जीवन हेल्दी, एक्टिव और खुशहाल बना रहे. अक्सर लोग सोचते हैं कि लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए बहुत सख्त डाइट या महंगे सुपरफूड्स की जरूरत होती है. लेकिन, न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन इस सोच को गलत बताती हैं. उनके अनुसार, रोजमर्रा की डाइट में कुछ छोटे लेकिन समझदारी भरे फूड स्वैप बुजुर्गों की सेहत पर बड़ा असर डाल सकते हैं. यही वजह है कि उन्होंने अपने एक हेल्थ-फोकस्ड वीडियो में माता-पिता और सीनियर सिटिजन्स के लिए 4 बेहद आसान फूड सब्स्टीट्यूशन बताए हैं.
दीपशिखा जैन खुद बताती हैं कि उन्होंने ये बदलाव अपने माता-पिता की डाइट में भी शामिल कराए हैं, जिससे उनकी पाचन शक्ति, एनर्जी लेवल और ओवरऑल हेल्थ में अच्छा सुधार देखा गया. उनका मानना है कि उम्र के साथ शरीर को सपोर्ट देने के लिए बड़े त्याग नहीं, बल्कि स्मार्ट चॉइस की जरूरत होती है.
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1. फ्रूट जूस की जगह वेजिटेबल जूस
पहला और सबसे जरूरी फूड स्वैप है. फ्रूट जूस की जगह वेजिटेबल जूस. आमतौर पर लोग सोचते हैं कि फलों का जूस बहुत हेल्दी होता है, लेकिन इसमें नेचुरल शुगर की मात्रा ज़्यादा हो सकती है, जो बुज़ुर्गों के लिए नुकसानदेह हो सकती है.
वहीं पालक, लौकी, खीरा, चुकंदर जैसे सब्ज़ियों से बना जूस कम शुगर के साथ ज्यादा फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स देता है. इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है, दिल की सेहत सुधरती है और पेट भी बेहतर तरीके से काम करता है.
2. चीनी वाली दूध की चाय की जगह कलौंजी की चाय
दूसरा स्वैप भारतीय घरों की सबसे आम आदत चाय से जुड़ा है. दीपशिखा जैन सलाह देती हैं कि चीनी और दूध वाली चाय की जगह कलौंजी (Nigella seeds) की चाय अपनाई जाए. कलौंजी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने में मदद करते हैं. उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों का दर्द, थकान और कई क्रॉनिक समस्याएं सूजन से जुड़ी होती हैं, ऐसे में यह चाय काफी फायदेमंद साबित हो सकती है.
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3. रिफाइंड ब्रेड की जगह सॉरडो ब्रेड
तीसरा फूड स्वैप ब्रेड से जुड़ा है. रिफाइंड ब्रेड जल्दी पचती नहीं और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकती है. इसके उलट, सॉरडो ब्रेड एक फर्मेंटेड ब्रेड होती है, जो पेट के लिए हल्की होती है. यह ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाती है और डायबिटीज या पाचन समस्या से जूझ रहे बुजुर्गों के लिए बेहतर विकल्प मानी जाती है.
4. तले हुए स्नैक्स की जगह भुने चने या मखाने
आखिरी और बेहद जरूरी स्वैप स्नैक्स से जुड़ा है. भुजिया, नमकीन और पकौड़ों की जगह भुने हुए चने या मखाने चुनने की सलाह दी जाती है. ये प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं, कैलोरी कम देते हैं और दिल की सेहत के लिए भी बेहतर माने जाते हैं. चाय के साथ ये हल्के स्नैक्स पेट पर बोझ भी नहीं डालते.
- प्यार दिखाने का सबसे आसान तरीका:
वीडियो के अंत में दीपशिखा जैन एक भावनात्मक बात कहती हैं. अगर आप सच में अपने माता-पिता से प्यार करते हैं, तो उनकी थाली में सही खाना चुनने में उनकी मदद करें. छोटे-छोटे फूड स्वैप भविष्य में कई मेटाबॉलिक बीमारियों से बचाव कर सकते हैं और उन्हें एक लंबा, स्वस्थ जीवन दे सकते हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














