Himachal Pradesh News: शिमला से लेकर दिल्ली तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर सियासत गरमा गई है. हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर (Jairam Thakur) ने केंद्र सरकार द्वारा ईंधन पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में की गई भारी कटौती का स्वागत करते हुए इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है. उन्होंने कहा कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) वैश्विक संकट के बीच आम आदमी को सुरक्षा दे रहे हैं, वहीं हिमाचल की कांग्रेस (Himachal Congress) सरकार जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ाकर उन्हें परेशान कर रही है.
पेट्रोल पर 3 रु, डीजल पर 0 रु एक्साइज ड्यूटी
जयराम ठाकुर ने कहा कि पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी संघर्ष के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण रास्तों पर तनाव के कारण तेल की कमी और बढ़ती कीमतों का खतरा मंडरा रहा है. ऐसे समय में पीएम मोदी ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर ₹3 और डीजल पर '0' करने का जो फैसला लिया है, वह गरीब और मध्यम वर्ग को महंगाई की मार से बचाने वाला एक निर्णायक कदम है.
सुक्खू सरकार पर तीखा हमला
ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र के बिल्कुल विपरीत दिशा में चल रही है. उन्होंने कहा, 'जब केंद्र सरकार टैक्स घटाकर राहत दे रही है, तब हिमाचल सरकार पेट्रोल-डीजल पर वैट और अन्य टैक्स बढ़ाकर खजाना भरने में जुटी है.' उन्होंने राज्य सरकार को केंद्र से सीख लेने और इस वैश्विक संकट के दौर में अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने की सलाह दी.
नया वैट संशोधन बना वजह
बताते चलें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने 23 मार्च 2026 को वैट संशोधन विधेयक पारित किया है, जिसके तहत पेट्रोल और डीजल पर ₹5 प्रति लीटर तक का अतिरिक्त सेस लगाने की अनुमति मिल गई है. सरकार का कहना है कि इस पैसे का इस्तेमाल 'अनाथ और विधवा कल्याण कोष' के लिए किया जाएगा ताकि समाज के कमजोर वर्गों की मदद की जा सके. वर्तमान में हिमाचल में पेट्रोल की औसत कीमत लगभग ₹94-95 और डीजल की ₹86-87 के आसपास है. विपक्ष का आरोप है कि इस नए सेस के बाद पेट्रोल ₹100 और डीजल ₹90 प्रति लीटर के पार जा सकता है. हालांकि यह अभी लागू होना बाकी है.
पैनिक बाइंग न करें, स्टॉक पर्याप्त है
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं. जयराम ठाकुर ने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) से बचें.
क्या है केंद्र का नया आदेश?
सरकार ने डीजल पर ₹21.5 प्रति लीटर का विंडफॉल टैक्स निर्यात पर लगाया है, ताकि घरेलू बाजार में तेल की कमी न हो. यह फैसला तब आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल $122 प्रति बैरल तक पहुंच गया है. जयराम ठाकुर ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री जल्द ही मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर इस संकट से निपटने के लिए राज्यों के साथ समन्वय बनाएंगे.
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