400 रुपये की 100 ग्राम ब्‍लूबैरी छोड़ो, 10 रुपये का करौंदा खाओ, स्वाद और सेहत दोनों में फेल होगा व‍िदेशी फल

Cheap Alternatives of Superfoods: अक्सर हम सुपरफूड्स खाने के लिए महंगे आइटम के चक्कर में पड़ जाते हैं. लेकिन, क्या आपको पता है कि 10 रुपये में मिलने वाला एक देसी सुपरफूड विदेशी चीजों को टक्कर दे सकता है. आइए जानते हैं ऐसे एक फल के बारे में.

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करौंदा, आंवला और जामुन, तीनों ही बच्चों के लिए फायदेमंद हैं.

Karonda Health Benefits: भारत में फलों की अलग-अलग वैरायटी देखकर हैरानी होती है, लेकिन कुछ फल ऐसे हैं जो हमारे घरों में आसानी से मिल जाते हैं लेकिन हम उनकी ओर ध्यान नहीं देते. इतर विदेशी फलों की मार्केटिंग ने हमें अपने देसी फलों को भुला दिया है. ऐसा ही एक फल है करौंदा, जो स्वाद और सेहत में बड़े-बड़े विदेशी फलों को मात देता है. 10 रुपये में मिलने वाला करौंदा एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी, और फाइबर का भंडार है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर पाचन तंत्र को मजबूत करने तक में मदद करता है. दूसरी तरफ, ब्लूबैरी जैसे विदेशी फल की कीमत 400 रुपये किलो है, जो हमारे बजट से बाहर है. तो आइए जानते हैं क्यों करौंदा है असली देसी सुपरफूड और कैसे ये विदेशी फलों को टक्कर देता है. आप जानेंगे करौंदा, आंवला और जामुन जैसे सस्ते फलों के पोषण, फायदे और सही तरीके से सेवन की जानकारी.

क्या ब्लूबैरी जैसे फल ही सुपरफूड्स हैं?

आजकल सोशल मीडिया और फिटनेस इंडस्ट्री में सुपरफूड शब्द बहुत ट्रेंड में है. 400 रुपये में 100 ग्राम ब्लूबैरी खरीदना स्टेटस सिंबल बन गया है. लोग मानते हैं कि विदेशी फल ही ज्यादा पौष्टिक होते हैं.

लेकिन क्या सच में ऐसा है?

अगर हम भारत की मिट्टी में उगने वाले फलों को देखें जैसे करौंदा, आंवला, जामुन तो ये पोषण और औषधीय गुणों में किसी भी विदेशी फल से कम नहीं हैं. बल्कि कई मामलों में ये उनसे बेहतर हैं.

क्या कहती है रिसर्च?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में छपी एक स्टडी के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने करोंदा के फल/पत्तियों के अंशों से सॉल्वेंट-एक्सट्रैक्ट बनाए (जैसे मेथनॉल, एथेनॉल, पानी आदि) और फिर उन्हें DPPH या अन्य एंटीऑक्सिडेंट असे पर टेस्ट किया, इसके अलावा टोटल फेनोलिक कंटेंट, फ्लावोनोयिड कंटेंट और कुछ बैक्टीरिया/फफूंदी के विरुद्ध एंटिमाइक्रोबियल टेस्ट भी किए गए.

एंटीऑक्सिडेंट (Antioxidant):

करोंदा के अर्क में हाई फेनोलिक और फ्लावोनोएड सामग्री मिली और इनसे मजबूत फ्री-रैडिकल स्केवेंजिंग (DPPH कम करने) एक्टिविटीदिखाई दी, यानी करोंदा एंटीऑक्सिडेंट स्रोत हैं जो ऑक्सीडेटिव डेमेज से संरक्षा में मदद कर सकते हैं.

एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव (Antibacterial/Antifungal):

कुछ स्टडीज में करोंदा अर्क ने ग्राम-निगेटिव और ग्राम-पॉज़िटिव बैक्टीरिया के वृद्धि को रोकने में असर दिखाया. इसलिए पारंपरिक उपयोग (घाव, पेट की समस्याएं) के वैज्ञानिक आधार मिलते हैं.

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करौंदा छोटा फल, बड़े फायदे | Health Benefits of Karonda

करौंदा (Carissa carandas) भारत के कई राज्यों में आसानी से मिलता है. गर्मियों और बरसात में यह बाजार में 10-20 रुपये में मिल जाता है.

करौंदा, सस्ता, स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर देसी फल 

पोषण तत्व:

विटामिन C
आयरन
कैल्शियम
एंटीऑक्सीडेंट

सेहत के लिए फायदे:

खून की कमी दूर करने में मददगार: इसमें आयरन भरपूर होता है.
इम्युनिटी बढ़ाता है: विटामिन C संक्रमण से बचाता है.
पाचन सुधारता है: फाइबर की मात्रा अच्छी होती है.
ब्लड शुगर कंट्रोल: डायबिटीज मरीजों के लिए लाभदायक.

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आप अपने घर में करौंदे की चटनी, अचार या मुरब्बा बना सकते हैं. स्वाद में खट्टा-मीठा और बेहद टेस्टी.

ब्लूबैरी, महंगा लेकिन क्या उतना ही बेहतर?

ब्लूबैरी में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन्स होते हैं, इसमें कोई शक नहीं. लेकिन भारत में यह ज्यादातर आयातित (imported) आती है, इसलिए इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है.

समस्या क्या है?

  • बहुत महंगी
  • लंबे ट्रांसपोर्ट के कारण ताजगी कम
  • कई बार प्रिजर्वेटिव्स का उपयोग

यानी पोषण तो मिलता है, लेकिन वही पोषण हमें सस्ते देसी फलों से भी मिल सकता है.

आंवला और जामुन, देसी सुपरस्टार

आंवला और जामुन भारत के प्राकृतिक सुपरफूड 

आंवला के फायदे:

  • विटामिन C का सबसे बड़ा स्रोत
  • बाल और त्वचा के लिए फायदेमंद
  • लिवर डिटॉक्स में मदद

जामुन के फायदे:

  • डायबिटीज कंट्रोल
  • पाचन मजबूत
  • ब्लड प्रेशर संतुलन

अगर आप रोजाना इनका सेवन करें, तो शरीर की नेचुरल इम्यूनिटी पावर बढ़ती है.

देसी फलों को क्यों चुनें?

किफायती: हर वर्ग के लिए सुलभ.
ताजे और स्थानीय: कम केमिकल और ज्यादा न्यूट्रिशन.
पर्यावरण के लिए बेहतर: आयात कम होने से कार्बन फुटप्रिंट घटता है.
परंपरा और आयुर्वेद का समर्थन: हमारे शास्त्रों में इन फलों का वर्णन है.

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आज जरूरत है कि हम विदेशी ट्रेंड के पीछे भागने के बजाय अपने आसपास उपलब्ध खजाने को पहचानें.

कैसे करें सेवन?

सुबह खाली पेट आंवला जूस
दोपहर में करौंदे की चटनी
शाम को जामुन (मौसम में)
बच्चों के लिए करौंदे का मुरब्बा

रेगुलर सेवन से शरीर में नेचुरल एनर्जी बनी रहती है.

महंगा ही अच्छा नहीं होता:

400 रुपये की ब्लूबैरी से बेहतर है 10 रुपये का करौंदा. स्वाद में भी देसी टच और सेहत में भी भरपूर ताकत.

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हमें अपनी मिट्टी के फलों पर भरोसा करना चाहिए. अगली बार जब आप बाजार जाएं, तो विदेशी फल की जगह देसी फल को टोकरी में डालें.

ब्लूबैरी, महंगा विदेशी फल जो हर किसी की जेब पर भारी. 

करौंदा से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल ( FAQs) | Frequently Asked Questions (FAQs) Related to Karonda

1. क्या करौंदा सच में ब्लूबैरी जितना फायदेमंद है?

हां, पोषण तत्वों में करौंदा किसी से कम नहीं. खासकर विटामिन C और आयरन में यह बेहतर हो सकता है.

2. क्या डायबिटीज मरीज करौंदा खा सकते हैं?

हां, सीमित मात्रा में सेवन लाभकारी हो सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह जरूरी है.

3. आंवला रोज खाना सुरक्षित है?

हां, लेकिन ज्यादा मात्रा से एसिडिटी हो सकती है.

4. ब्लूबैरी पूरी तरह बेकार है?

नहीं, यह भी पौष्टिक है, लेकिन महंगी होने के कारण हर किसी के लिए जरूरी नहीं.

5. बच्चों के लिए कौन सा फल बेहतर है?

करौंदा, आंवला और जामुन, तीनों ही बच्चों के लिए फायदेमंद हैं.

6. क्या देसी फल इम्यूनिटी बढ़ाते हैं?

हां, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट के कारण ये इम्यूनिटी मजबूत करते हैं.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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