Basant Panchami 2026 Date: कल यानि 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी का त्योहार हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाया जाता है. हिन्दू धर्म में बसंत पंचमी का बहुत महत्व है. इस दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती (Sarswati puja) की पूजा की जाती है. शास्त्रों में बसंत पंचमी को ऋषि पंचमी (Rishi Panchami) नाम से भी जाना जाता है. मां सरस्वती को ज्ञान की देवी माना जाता है. भक्त मां को प्रसन्न करने के लिए इस आराधना करते हैं, और मां का फेवरेट प्रसाद चढ़ाते हैं. माना जाता है कि इस दिन मां को पीले रंग के व्यंजन चढ़ाए जाते हैं. तो चलिए जानते हैं, मां सरस्वती को किस चीज का लगाएं भोग.
यह पर्व भारत के साथ-साथ पश्चिमोत्तर बांग्लादेश और नेपाल में भी धूमधाम से मनाया जाता है. इस त्योहार के साथ ही ठंड के मौसम की विदाई हो जाती है और साल के सबसे अच्छे माने जाने वाले मौसम यानी बसंत की शुरुआत हो जाती है. बसंत पंचमी में मां सरस्वती को पीले रंग के भोग और फूल अर्पित किए जाते हैं.
मां सरस्वती को भोग में चढ़ाएं ये पीला चीजें- (Offer these yellow Bhog to Goddess Saraswati)
1. बेसन का हलवा- (Besan Halwa)
मां सरस्वती को आप भोग में बेसन का हलवा चढ़ा सकते हैं. इसे बनाने के लिए बेसन, घी, चीनी और केसर का इस्तेमाल किया जाता है.
2. राजभोग- (Rajbhog)
मां सरस्वती को आप भोग में रोजभोग चढ़ा सकते हैं. इसके अंदर कटे हुए मेवे जैसे पिस्ता, बादाम भरकर केसर-इलायची वाली चाशनी में पकाया जाता है.
3. बेसन की बर्फी- (Besan Barfi)
केसर या हल्दी से पीला रंग दी गई बेसन की बर्फी को मां सरस्वती को भोग लगा सकते हैं.
4. केसर खीर- (Kesar Kheer)
खीर एक ऐसा व्यंजन है जिसे भारतीय घरों में त्योहारों पर खासकर बनाया जाता है. इसे चावल, दूध, केसर और सूखे मेवों से बना सकते हैं.
5. पीले फल- (Yellow Fruits)
माता को पीले फल का भोग लगा सकते हैं. प्रसाद में पके केले, बेर, स्टारफ्रूट को चढ़ा सकते हैं.
ये भी पढ़ें- आज क्या बनाऊं: झारखंड-छत्तीसगढ़ स्टाइल डुबकी कढ़ी कैसे बनाएं? नोट करें आसान रेसिपी
World Health Day पर Dr. Naresh Trehan से जानें बीमारियों से बचने और लंबी उम्र पाने के राज, दिल के डॉक्टर से दिल की बात...
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














