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Papankusha Ekadashi 2026: दशहरे के बाद कब रखा जाएगा पापांकुशा एकादशी व्रत, जानें पारण की तारीख और धार्मिक महत्व

Papankusha Ekadashi 2026: पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान-पुण्य करने से पुण्य फल मिलता है. व्रत का पारण 23 अक्टूबर को किया जाएगा.

Papankusha Ekadashi 2026: दशहरे के बाद कब रखा जाएगा पापांकुशा एकादशी व्रत, जानें पारण की तारीख और धार्मिक महत्व
पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा
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दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा, लेकिन इसके अगले दिन यानी 21 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी का व्रत नहीं रखा जाएगा. इस साल यह व्रत 22 अक्टूबर दिन गुरुवार को रखा जाएगा. हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है. यह दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए समर्पित माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापांकुशा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को अपने पापों से मुक्ति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. आचार्य मदन मोहन के अनुसार, इस व्रत की तारीख तय करते समय तिथि और पंचांग का ध्यान रखना जरूरी है. आइए जानते हैं पापांकुशा एकादशी की तारीख, पूजा का महत्व और पारण का समय.

कब रखा जाएगा पापांकुशा एकादशी का व्रत

आचार्य मदन मोहन ने बताया कि इस साल पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर को रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार, एकाादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर में शुरू होकर 22 अक्टूबर को दोपहर तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर 22 अक्टूबर को व्रत रखा जाएगा. व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा और पारण का समय देख लेनाा चाहिए, क्योंकि अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियमों में अंतर हो सकता है.

पापांकुशा एकादशी पर क्यों करते हैं भगवान विष्णु की पूजा

आचार्य ने बताया कि पापांकुशा एकादशी का व्रत व्यक्ति को गलत कर्मों से दूर रहने और भगवान विष्णु की भक्ति करने की प्रेरणा देता है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने, भगवान विष्णु की पूजा करने, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने की परंपरा है. उन्होंने आगे बतााया कि पद्म पुराण में इस एकादशी के महत्व का वर्णन मिलता है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से व्रत और पूजाा करने से पुण्य फल प्राप्त होता है.

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1000 अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल मिलने की मान्यता

आचार्य ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं में पापांकुशा एकादशी के व्रत को बेहद पुण्यदायी बताया गया है. कहा जाता है कि इस व्रत से हजार अश्वमेध यज्ञ के समाान फल मिल सकता है. हालांकि, ये धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं से जुड़ी मान्यताएं हैं.

कब करें व्रत का पारण?

मदन मोहन ने आगे बताया कि पापांकुशा एकादशी के व्रत का पारण 23 अक्टूबर को किया जााएगा. पारण यानी व्रत खोलने के लिए सुबह का समय बताया गया है. दिल्ली के लिए प्रकाशित पंचांगों में पारण का समय लगभग सुबह 6:27 बजे से 8:42 बजे तक दियाा गया है. अपने शहर के अनुसार समय की पुष्टि जरूर करें.

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