भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) इंजीनियरिंग से जुड़े भारत के फेमस इंस्टीटूशन्स हैं. इंजीनियरिंग करने का सपना देखने वाले बच्चों का लक्ष्य होता है वो IIT में दाखिला लें, वहीं जिन बच्चों को IIT में एडमिशन नहीं मिलता है वो NIT की और रूख करते हैं. NIT की दाखिले की प्रक्रिया IIT के मुकाबले थोड़ी सरल है. IIT में दाखिले के लिए दो परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है. जिनको जेईई मेन औक जेईई एडवांस कहा जाता है. वहीं NIT में जेईई मेन पास करने पर भी दाखिला मिल जाता है.
आईआईटी और एनआईटी में क्या अंतर हैं
आईआईटी की स्थापना साल 1950 में की गई थी. जबकि एनआईटी की स्थापना इसके 10 साल बाद यानी 1960 में हुई थी. आईआईटी और एनआईटी दोनों केंद्र सरकार के अधीन आते हैं. IITs अलग-अलग इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी फील्ड में अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और डॉक्टोरल प्रोग्राम ऑफर करता है. वहीं NIT भी इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी फील्ड में अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और डॉक्टोरल प्रोग्राम ऑफर करता है. फीस की बात की जाए तो IIT की फीस 2 से 5 लाख प्रति वर्ष है. जबकि NIT की 1 से 2 लाख प्रति वर्ष है.
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किसमें मिलती है अच्छी प्लेसमेंट
प्लेसमेंट के मामले में IIT के कॉलेज NIT से कन्हीं ज्यादा आगे हैं. IIT के कॉलेज पढ़े छात्रों को प्लेसमेंट के दौरान औसत CTC 20 से 30 लाख रुपये मिलता है. जबकि NIT में ये 10 से 15 लाख रुपये तक का है.
कहां कितनी है सीटें
देश में इस समय IIT की कुल संख्या 23 है. IIT में अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए कुल 16 हजार 234 सीटें. वहीं NIT की संख्या की बात की जाए तो ये 31 है. NIT में अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज के लिए 23 हजार से अधिक सीटें हैं. टॉप NIT कॉलेज में त्रिची कैंपस का नाम सबसे ऊपर है. वहीं IITs में IIT मद्रास टॉप पर है.
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