69 हजार शिक्षक भर्ती मामले को लेकर आज आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में ये अभ्यर्थी राज्य के शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे और जमकर नारे लगाए. इस दौरान सड़क पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने एक्शन लेते हुए उम्मीदवारों को वहां से हटाने की कोशिश की. इस भीषण गर्मी में सड़क पर रेंगते हुए अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव करने के लिए पहुंचे. उनका कहना है कि "कल (19 मई को सुप्रीम कोर्ट में) उनकी तारीख लगी है और 31वीं तारीख है,लेकिन कहीं कोई पैरवी नहीं हो रही है. कम से कम सही तरीके से पैरवी करके उनके मुद्दों को उठाया जाए".
इस मामले पर आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों का कहना है कि ओबीसी वर्ग को 27% की जगह महज 3.68% और एससी वर्ग को 21% की जगह केवल 16.2% आरक्षण मिला है. दूसरी और बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट का कहना है कि मामला कोर्ट में है.
क्या है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश का 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है. इस मामले की सुुनवाई 19 मई, 2026 को होनी है. इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक (Stay) लगा रखी है. जिसमें पूरी मेरिट लिस्ट को रद्द कर 3 महीने के भीतर नई सूची बनाने का आदेश दिया गया था.
बता दें कि ये पहला मौका नहीं है जब इस तरह का प्रदर्शन इन उम्मीदवारों की ओर से किया गया हो. लंबे समय से ये उम्मीदवार इस तरह का प्रदर्शन कर सरकार से सुप्रीम कोर्ट के सामने सही से पैरवी करने की मांग कर रहे हैं.
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