Highest Paying States for Teachers: दिल्ली सरकार ने अपने हजारों टीचर्स को शानदार तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वोकेशनल और समग्र शिक्षा अभियान (SSA) के तहत काम करने वाले शिक्षकों की सैलरी में 18,000 रुपए तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है. इसका फायदा उन 1,131 वोकेशनल टीचर्स और 784 स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर्स में पढ़ाने वाले शिक्षकों को मिलेगा जो लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिल्ली के अलावा देश के दूसरे राज्यों में टीचर्स की क्या स्थिति है. उन्हें कितनी सैलरी मिलती है और सबसे ज्यादा किन राज्यों के टीचर्स को सैलरी मिल रही है. आइए जानते हैं...
दिल्ली में वोकेशनल टीचर्स की सैलरी अब कितनी हो गई है
1. वोकेशनल टीचर्सदिल्ली सरकार के नए फैसले के बाद शिक्षकों की सैलरी में जबरदस्त उछाल आया है. पहले जहां वोकेशनल टीचर्स को हर महीने 20,000 से 23,000 रुपए तक सैलरी मिलती थी, अब उनके बैंक अकाउंट में सीधे 38,100 रुपए आएंगे. इसका मतलब है कि उनकी तनख्वाह में लगभग 15,000 से 18,000 रुपए तक का इजाफा हुआ है.
2. SSA टीचर्स
समग्र शिक्षा अभियान (SSA) के तहत पढ़ाने वाले शिक्षकों की सैलरी भी 21,000 रुपए से बढ़ाकर अब 35,420 रुपए कर दी गई है. इन शिक्षकों को हर महीने अब पहले के मुकाबले करीब 14,420 रुपए ज्यादा मिलेंगे.
टीचर्स को सबसे ज्यादा सैलरी देने वाले टॉप-5 राज्य
1. तेलंगाना
2026 के आंकड़ों के मुताबिक, तेलंगान का मैनेजमेंट अपने शिक्षकों पर सबसे ज्यादा मेहरबान है. यहां महंगाई भत्ता (DA) देश में सबसे हाई लेवल करीब 50.04% पर है. इसके कारण एक नए प्राइमरी टीचर की ग्रॉस सैलरी 65,000 से ऊपर निकल जाती है और उनके हाथ में कट-पिटकर 56,000 से 58,000 रुपए तक आते हैं. PGT लेवल सैलरी 75,000 रुपए के पार चली जाती है, जो पूरे भारत में एक रिकॉर्ड है.
2. कर्नाटक
कर्नाटक ने केंद्र की राह पर चलने के बजाय अपना खुद का स्टेट पे-कमीशन लागू किया है, जो शिक्षकों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुआ है. यहां प्राइमरी टीचर्स का बेसिक पे ही 37,600 रुपए से शुरू होता है, जो कई अन्य राज्यों से ज्यादा है. सब भत्ते जोड़कर एक नए टीचर को महीने में 54,000 से 56,000 रुपए के बीच इन-हैंड सैलरी मिलती है. कर्नाटक में प्रमोशन का ट्रैक काफी तेज माना जाता है, जिससे शिक्षक कम समय में ही हाई ग्रेड-पे पर पहुंच जाते हैं.
3. दिल्ली
यहां रेगुलर टीचर्स को केंद्र सरकार के समान 7वें वेतन आयोग का पूरा लाभ मिलता है. 'X' कैटेगरी के शहर होने की वजह से मकान किराया भत्ता (HRA) सबसे ज्यादा मिलता है, जिससे एक प्राइमरी टीचर की शुरुआती इन-हैंड सैलरी 54,000 से 56,000 रुपए तक पहुंच जाती है.
4. हरियाणा
दिल्ली का पड़ोसी राज्य होने के नाते हरियाणा में भी टीचर्स की सैलरी दिल्ली के लगभग बराबर ही रहती है. यहां शिक्षा विभाग का बजट और सैलरी स्ट्रक्चर काफी मजबूत है. राज्य में बेसिक सैलरी 35,400 रुपए के साथ अच्छा-खासा महंगाई भत्ता मिलता है. एक नया जॉइन करने वाला टीचर आराम से 52,000 से 54,000 रुपए मंथली कमा लेता है.
5. पंजाब
पंजाब हमेशा से अपनी खुशहाली और सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली अच्छी सैलरी के लिए जाना जाता है. राज्य में एक प्राइमरी टीचर की शुरुआती सैलरी 53,000 से 55,000 रुपए के बीच रहती है. पंजाब उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जिन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को वापस लागू करने का फैसला किया है.
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