आज जिन देशों के नाम आप सुनते हैं, या जिनके बारे में आपने पढ़ा है, उनमें से कुछ देश ऐसे हैं जो अपने नाम बदल चुके हैं. नाम बदलने के पीछे इन देशों की अपनी वजहें थीं. किसी ने आजादी का हवाला देकर, तो किसी ने पहचान के नाम पर नाम बदले. कुछ देशों के नाम राजनीति के चलते बदल दिए गए. आज जानें ऐसे ही चुनिंदा देशों के बारे में, जिनके पुराने नाम शायद ही आप जानते होंगे.
इन देशों ने बदल दिए हैं अपने नाम
तुर्की बना तुर्किये
तुर्किये का पहले नाम हुआ करता था तुर्की या टर्की. इस देश ने साल 2022 में अपना आधिकारिक नाम बदलकर Turkiye कर लिया है.
नाम बदलने की वजह बताई गई- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान को मजबूत करना. कुछ लोगों का ये भी कहना था कि तुर्की शब्द का मतलब अंग्रेज़ी में पक्षी (bird) भी होता है, जिससे देश की छवि प्रभावित होती थी.
हॉलैंड बना नीदरलैंड्स
Holland की सरकार ने देश का नाम बदलकर Netherlands कर दिया. सरकार ने तर्क दिया कि वे पूरे देश की पहचान दिखाना चाहते हैं, किसी एक क्षेत्र की नहीं. चूंकि हॉलैंड एक जगह से जुड़ा नाम था इसलिए नाम बदल दिया गया.
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पर्सिया बना ईरान
ईरान का नाम पहले पर्सिया हुआ करता था. 1935 में देश का नाम बदलकर Iran कर दिया गया. ईरान और अमेरिका के बीच लगातार तनाव के कारण ईरान चर्चा में है. फिलहाल युद्ध विराम है. ईरान आज मिडिल ईस्ट की राजनीति में मजबूत भूमिका में है.
Ceylon बना श्रीलंका
श्रीलंका का पुराना नाम Ceylon हुआ करता था. 1972 में नया नाम श्रीलंका अपनाया गया. उस समय यह कहा गया कि Ceylon नाम से ब्रिटिश काल के समय की याद आती है. इसलिए अपनी संस्कृति और पहचान को मजबूत करने के लिए वहां की सरकार ने श्रीलंका नाम चुना था.
बर्मा बना म्यांमार
म्यांमार को पहले बर्मा कहा जाता था. 1989 में वहां की सैन्य सरकार ने नाम बदलकर म्यांमार कर दिया था.
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Siam बना थाईलैंड
थाईलैंड को पहले Siam नाम से जाना जाता था. 1939 में इसका नाम बदलकर थाईलैंड कर दिया गया था. देश की स्वतंत्र पहचान दिखाने के लिए ऐसा किया था क्योंकि थाईलैंड का मतलब होता है- Land of the Free
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