IELTS Rule : आप भी विदेश में पढ़ाई करने के सपने बुन रहे हैं, तो पहले अपने IELTS (International English Language Testing System) स्कोर की वैलिडिटी जरूर चेक कर लीजिए. ज्यादातर देशों में, IELTS स्कोर टेस्ट के नतीजे आने की तारीख से दो साल तक वैलिड रहता है. वैलिडिटी खत्म होने पर नया स्कोर पाने के लिए दोबारा IELTS परीक्षा में बैठना पड़ता है. इसलिए स्टूडेंट्स को एडमिशन, स्कॉलरशिप और वीजा एप्लीकेशन की योजना बनाने के लिए IELTS स्कोर की 2026 तक की वैलिडिटी के बारे में पता होना चाहिए. आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसी के बारे में बताने जा रहे हैं...
IELTS स्कोर कितने समय तक रहता है वैलिड ?
IELTS टेस्ट का रिजल्ट जारी होने की तारीख से अगले दो साल तक स्कोर की वैलिडिटी होती है. वैलिडिटी की तारीख टेस्ट रिपोर्ट फॉर्म (TRF) पर लिखी होती है. साथ ही इसमें ओवरऑल बैंड स्कोर और लिसनिंग, रीडिंग, राइटिंग और स्पीकिंग के लिए सेक्शन-वाइज स्कोर भी शामिल होते हैं.
ज्यादातर यूनिवर्सिटी एडमिशन, जॉब्स और वीजा एप्लीकेशन के लिए IELTS स्कोर दो साल बाद इनवैलिड माना जाता है. इसलिए जिन कैंडिडटे्स का स्कोर एक्सपायर हो चुका होता है उन्हें दोबारा IELTS परीक्षा देनी पड़ती है. हालांकि, कुछ ऑस्ट्रेलियाई स्किल्ड माइग्रेशन प्रोग्राम तीन साल तक के IELTS स्कोर को स्वीकार कर सकते हैं.
IELTS स्कोर वैलिडिटी 2026: कंट्री वाइज क्या है नियम
ज्यादातर देश दो साल की वैलिडिटी के स्टैंडर्ड नियम का पालन करते हैं. इसलिए स्टूडेंट्स को हमेशा उस यूनिवर्सिटी या अथॉरिटी की एडमिशन या इमिग्रेशन जरूरतों को चेक करना चाहिए जहां वे अप्लाई कर रहे हैं.
इस बात का रखें ध्यान
USA, UK, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यूनिवर्सिटीज ऐसे IELTS स्कोर स्वीकार करती हैं, जो दो साल से ज्यादा हों.
कनाडा में परमानेंट रेजिडेंसी के लिए अप्लाई करने वाले उम्मीदवारों को यह भी पक्का करना चाहिए कि एप्लीकेशन प्रोसेस के दौरान उनका IELTS स्कोर वैलिड रहे.
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