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इस शख्स के नाम दर्ज है सबसे ज्यादा डिग्री रखने का रिकॉर्ड, जानकर हैरान रह जाएंगे आप

Most Educated Indian : इस शख्स ने 42 परीक्षाओं में 20 डिग्रियां हासिल कीं, जिनमें MBBS, LLB, MBA समेत कई विषय शामिल हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने ज्यादातर डिग्रियां गोल्ड मेडल के साथ हासिल की हैं.

इस शख्स के नाम दर्ज है सबसे ज्यादा डिग्री रखने का रिकॉर्ड, जानकर हैरान रह जाएंगे आप
राजनीति में आने के बाद भी उनका सफर काफी चर्चा में रहा.

Most Educated Indian: आमतौर पर लोग एक या दो डिग्री हासिल करने के बाद नौकरी और करियर में व्यस्त हो जाते हैं. लेकिन भारत में एक ऐसे शख्स भी हुए, जिन्होंने पढ़ाई को ही अपनी जिंदगी बना लिया. हालत ये थी कि उनके पास इतनी डिग्रियां थीं कि लोग उनकी मार्कशीट और उपलब्धियां सुनकर ही हैरान रह जाते थे. यही वजह है कि उनका नाम भारत के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे इंसान के तौर पर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ. हम बात कर रहे हैं डॉ. श्रीकांत जिचकर की.

20 डिग्रियां और 42 यूनिवर्सिटी एग्जाम

महाराष्ट्र के नागपुर में जन्मे डॉ. श्रीकांत जिचकर ने 1973 से 1990 के बीच 42 यूनिवर्सिटी एग्जाम दिए और 20 डिग्रियां हासिल कीं. खास बात ये थी कि उन्होंने ज्यादातर परीक्षाएं फर्स्ट डिवीजन और गोल्ड मेडल के साथ पास की थीं. उनकी पढ़ाई सिर्फ एक फील्ड तक सीमित नहीं थी. उन्होंने MBBS, MD, LLB, LLM, MBA, DBM, जर्नलिज्म और संस्कृत साहित्य जैसे कई सब्जेक्ट्स में डिग्रियां हासिल कीं. इसके अलावा उन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास, साइकोलॉजी और पॉलिटिकल साइंस जैसे विषयों में भी MA किया था.

IPS भी बने, IAS भी... फिर राजनीति में एंट्री

डॉ. जिचकर सिर्फ पढ़ाई तक ही सीमित नहीं रहे. उन्होंने UPSC परीक्षा पास कर पहले IPS जॉइन किया. बाद में उन्होंने दोबारा परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनने का सपना भी पूरा किया. लेकिन सबसे दिलचस्प बात ये रही कि IAS बनने के सिर्फ चार महीने बाद ही उन्होंने नौकरी छोड़ दी और राजनीति में उतर गए. इसके बाद वह महज 26 साल की उम्र में विधायक बने. डॉ. जिचकर ने काफी लंबे समय तक सबसे युवा विधायक का खिताब अपने पास रखा था.

एक साथ संभाले थे 14 मंत्रालय

राजनीति में आने के बाद भी उनका सफर काफी चर्चा में रहा. महाराष्ट्र सरकार में उन्होंने एक समय 14 मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली थी. वह राज्यसभा सांसद भी रहे. इतना ही नहीं, उन्होंने शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी काफी काम किया. नागपुर में उन्होंने ‘सांदीपनि स्कूल' की स्थापना भी की थी.

52 हजार किताबों की थी पर्सनल लाइब्रेरी

डॉ. श्रीकांत जिचकर को किताबों से इतना लगाव था कि उनके पास करीब 52 हजार किताबों का कलेक्शन था. कहा जाता है कि उनकी लाइब्रेरी देश की सबसे बड़ी पर्सनल  लाइब्रेरी में गिनी जाती थी. पढ़ाई के अलावा उन्हें पेंटिंग, फोटोग्राफी और स्टेज एक्टिंग का भी शौक था.

49 साल की उम्र में हुआ निधन

इतनी उपलब्धियां हासिल करने वाले डॉ. श्रीकांत जिचकर का निधन साल 2004 में एक सड़क हादसे में हो गया था. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 49 साल थी. लेकिन आज भी उन्हें भारत के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे इंसान के तौर पर याद किया जाता है.

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