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'मानद उपाधि को गले में टांगकर जाइए', योगी ने ली रविकिशन की चुटकी; जानें क्या है डॉक्टर-प्रोफेसर लगाने का नियम

Ravi Kishan Honorary Phd Degree: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सांसद रविकिशन को मिली मानद उपाधि का जिक्र करते हुए एक किस्सा सुनाया. उन्होंने इस दौरान बताया कि ये डिग्री किसी काम की नहीं होती है और इसे सिर्फ गले में टांगा जा सकता है.

'मानद उपाधि को गले में टांगकर जाइए', योगी ने ली रविकिशन की चुटकी; जानें क्या है डॉक्टर-प्रोफेसर लगाने का नियम
रविकिशन की डिग्री को लेकर सीएम योगी की चुटकी

Ravi Kishan Honorary Phd Degree: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद रविकिशन के बीच की जुगलबंदी कई बार देखने को मिलती है. दोनों हमेशा एक दूसरे की खिंचाई करते हैं और अक्सर सीएम योगी रविकिशन की चुटकी लेने से नहीं चूकते. इसी बीच योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर रविकिशन का जिक्र करते हुए एक मजेदार किस्सा सुनाया, जिसमें उन्होंने रविकिशन को मिली मानद उपाधि का जिक्र किया. सीएम योगी ने रविकिशन का जिक्र करते हुए कहा, मैंने उन्हें बताया कि मानद उपाधि सिर्फ गले में टांगने के काम आएगी, इससे आप डॉक्टर या प्रोफेसर नहीं बन जाएंगे. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि मानद उपाधि होती क्या है और क्या वाकई इसे पाने वाले लोग अपने नाम के आगे डॉक्टर या प्रोफेसर नहीं लगा सकते हैं?

रविकिशन की मानद उपाधि पर क्या बोले योगी?

सांसद रविकिशन से मुलाकात का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "मैं यहां आ रहा था तो हमारे सांसद जी, रविकिशन जी मेरे सामने आए और कहा कि आपने मुझे बधाई नहीं दी... मैंने कहा- काहे की बधाई? उन्होंने कहा कि मुझे पीएचडी की उपाधि मिली है, मैंने उन्हें कहा कि ये मानद उपाधि है. रविकिशन जी ने कहा कि मैं अपने नाम के आगे प्रोफेसर लिखूंगा, मैंने उन्हें बताया कि आप ऐसा लिख नहीं सकते हैं. आप उस डिग्री को लेकर जाएंगे तो आपको उससे नौकरी नहीं मिल सकती है, आप सिर्फ उसे टांग सकते हैं, गले में टांगकर जाइए... उन्होंने फिर कहा कि डॉक्टर लिखूंगा, अब ऐसा डॉक्टर किसी का उपचार करने चला गया तो क्या होगा".

क्या होती है मानद उपाधि?

भारत में कई प्रतिष्ठित लोगों को यूनिवर्सिटीज की तरफ से मानद उपाधि दी जाती है, ये एक पीएचडी डिग्री होती है, जो उन्हें सम्मान के तौर पर मिलती है. तमाम क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने के लिए ये सम्मान दिया जाता है. कुल मिलाकर मानद पीएचडी कोई पढ़ाई वाली डिग्री नहीं है, बल्कि समाज में किसी बड़े काम के लिए दिया जाने वाला एक सम्मान है. यूजीसी से मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी ही ऐसी डिग्री दे सकती है. इस डिग्री को किसी अवॉर्ड या फिर सम्मान की तरह रखा जाता है. 

क्या है नाम के आगे डॉक्टर या प्रोफेसर लगाने का नियम

यूजीसी के नियमों के मुताबिक मानद उपाधि मिलने पर कोई भी शख्स आधिकारिक तौर पर अपने नाम के आगे Dr. (डॉक्टर) नहीं लगा सकता है. यही वजह है कि ऐसे सम्मानित लोग कभी भी इसका इस्तेमाल नाम या फिर किसी दूसरी चीज के लिए नहीं करते हैं. अगर कोई व्यक्ति नाम के आगे डॉक्टर या प्रोफेसर लगाना चाहे तो उसे पहले Honoris Causa या (Hon.) लिखना होगा. इसके अलावा ऐसी डिग्री को किसी नौकरी या दूसरे फायदे के लिए भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है. क्योंकि ये सिर्फ एक प्रतीकात्मक सम्मान है. 

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