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RPSC में ही निकला 'विभीषण', डमी कैंडिडेट बिठाने के खेल में आयोग का ही लिपिक शामिल; एसओजी ने दबोचा

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट मामले का खुलासा करते हुए अपने ही एक लिपिक को गिरफ्तार करवाया है.

RPSC में ही निकला 'विभीषण', डमी कैंडिडेट बिठाने के खेल में आयोग का ही लिपिक शामिल; एसओजी ने दबोचा
राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर.

Rajasthan News: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. आयोग की सतर्कता ने न केवल एक फर्जी अभ्यर्थी का पर्दाफाश किया बल्कि सिस्टम के भीतर बैठे उस 'विभीषण' को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, जिसने परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ किया था.

जानें कैसे खुला धोखाधड़ी का खेल

यह पूरा मामला प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 से जुड़ा है. अभ्यर्थी राजेश कुमार मीणा ने इतिहास विषय की परीक्षा में अपनी जगह एक डमी कैंडिडेट को बिठाया था. ताज्जुब की बात यह है कि इस जालसाजी के सहारे उसने मुख्य चयन सूची में 569वीं रैंक भी हासिल कर ली थी. लेकिन जब आरपीएससी सचिव राम निवास मेहता के निर्देशन में दस्तावेजों की गहन जांच हुई तो फोटो और हस्ताक्षरों का हेरफेर पकड़ में आ गया.

अपनों ने ही दिया धोखा, लिपिक गिरफ्तार

आयोग की आंतरिक जांच में जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था. इस पूरे खेल में आयोग का ही एक लिपिक मानसिंह मीणा शामिल था. वह करौली जिले का रहने वाला है और साल 2020 से आयोग में तैनात था. एसओजी की जांच में पता चला कि मानसिंह और अभ्यर्थी राजेश पहले से परिचित थे और मानसिंह ने ही डमी कैंडिडेट बिठाने में मदद की थी. पुलिस ने अब इस कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है.

दो अलग-अलग केंद्रों पर हुई थी परीक्षा

जांच के अनुसार डमी अभ्यर्थी ने 17 अक्टूबर 2022 को सोडाला स्थित लर्निंग स्टेप स्कूल में सामान्य ज्ञान और 18 अक्टूबर 2022 को बेनाड़ रोड स्थित सरकारी स्कूल में इतिहास की परीक्षा दी थी. आरोपी ने उपस्थिति पत्रक पर फोटो बदलकर और जन्म तिथि में बदलाव कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे.

सख्त कानूनी धाराओं में मामला दर्ज

आयोग ने फरवरी 2025 में ही 13 महत्वपूर्ण दस्तावेज जिनमें मूल ओएमआर शीट और आवेदन पत्र शामिल थे वह एसओजी को सौंप दिए थे. अब आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2022 के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है. सचिव राम निवास मेहता ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाओं की पवित्रता भंग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

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