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आर्थिक तंगी के चलते 10वीं के बाद की पढ़ाई हो रही मुश्किल? राजस्थान सरकार की ये योजना आएगी काम

राजस्थान में पैसों की कमी से अगर आप 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ रहे हैं, तो आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है. राज्य सरकार कई तरह की योजनाएं चलाती है, जिनकी मदद से आप आगे की पढ़ाई जारी रख सकते हैं. जानिए इन योजनाओं के नाम और एलिजिबिलिटी.

आर्थिक तंगी के चलते 10वीं के बाद की पढ़ाई हो रही मुश्किल? राजस्थान सरकार की ये योजना आएगी काम
Rajasthan Govt Scholarship For 10th Pass

Rajasthan Govt Scholarship For 10th Pass: 10वीं का रिजल्ट आते ही हर छात्र की आंखों में बड़े सपने होते हैं. कोई डॉक्टर बनना चाहता है, तो कोई इंजीनियर, तो कोई हायर स्टडीज की ओर जाना चाहता है. लेकिन कई बार घर के आर्थिक हालात इन सपनों के आगे दीवार बनकर खड़े हो जाते हैं. अगर आप राजस्थान से हैं और आपके साथ भी ऐसा है, तो मायूस होने की जरूरत नहीं है. राजस्थान सरकार प्रदेश के होनहारों के लिए ऐसी कई शानदार योजनाएं चला रही है, जो न सिर्फ आपकी पढ़ाई का खर्च उठाएंगी, बल्कि आपको करियर बनाने में भी मदद करेंगी. आइए जानते हैं कि आप 10वीं के बाद किन सरकारी सुविधाओं का फायदा उठा सकते हैं.

1. डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए फ्री JEE-NEET कोचिंग

आज के दौर में मेडिकल या इंजीनियरिंग की कोचिंग में एडमिशन लेने के लिए लाखों की फीस लगती है, लेकिन राजस्थान सरकार ने तय किया है कि पैसों की कमी किसी की प्रतिभा को नहीं रोकेगी.

राज्य सरकार 1000 मेधावी छात्रों को JEE और NEET जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग दिलवा रही है. इसमें आपको टॉप क्लास की कोचिंग मिलेगी और वो भी बिना एक रुपया खर्च किए. इस योजना का नाम मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना है. इस योजना का फायदा उठाने के लिए राजस्थान का मूल निवासी होना जरूरी है. परिवार की सालाना इनकम 8 लाख से कम होनी चाहिए और 10वीं-12वीं में अच्छे नंबर होने चाहिए.

2. डिजिटल पढ़ाई के लिए 20,000 रूपए का ई-वाउचर

आजकल सबकुछ ऑनलाइन हो गया है. लैपटॉप या टैबलेट के बिना पढ़ाई अधूरी लगती है. टॉपर्स छात्रों की इसी जरूरत को देखते हुए राजस्थान सरकार 20,000 रुपए का ई-वाउचर देती है. इसका इस्तेमाल आप अपनी डिजिटल शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं. 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स इस योजना का फायदा उठा सकते हैं.

3. श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए खास स्कॉलरशिप

अगर आपके माता-पिता रजिस्टर्ड श्रमिक (Labor Card Holder) हैं, तो आपके लिए रास्ते और भी आसान हैं. सरकार ऐसे बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आगे की पढ़ाई के लिए अच्छी-खासी आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन राशि देती है. इस योजना का नाम 'निर्माण श्रमिक शिक्षा-कौशल विकास योजना' है. इसमें सालाना 20,000 रुपए तक की मदद मिलती है. आवेदन के लिए श्रमिक डायरी, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट और पिछली क्लास की मार्कशीट चाहिए. इस योजना के लिए myScheme या ई-मित्र के जरिए अप्लाई कर सकते हैं.

मुख्यमंत्री हुनर विकास योजना

अगर आप 15 से 21 साल के बीच हैं और 'पालनहार योजना' के लाभार्थी रहे हैं, तो यह योजना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन या कोई तकनीकी कोर्स (IT-Technical Education) करने पर लगने वाली पूरी फीस सरकार वापस करेगी. इसका मकसद आपको आत्मनिर्भर बनाना ताकि आप अच्छी नौकरी पा सकें. इसके लिए एडमिशन के 3 महीने के भीतर ऑफलाइन आवेदन करना पड़ता है. आवेदन के लिए जन आधार, मार्कशीट, फीस रिसिप्ट और बैंक पासबुक जैसे डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती है.

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