Gautam Buddh Nagar Schools : गौतम बुद्ध नगर के कई स्कूल में स्कॉलरशिप योजनाओं को लेकर बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है. इसका खुलासा स्कॉलरशिप के तहत संचालित स्कूलों के रिकॉर्ड की समीक्षा के दौरान हुआ. शिक्षा विभाग और सामाजिक कल्याण विभाग की ओर से किए गए वैरिफिकेशन में बड़ी संख्या में इनएक्टिव स्कूलों और डुप्लीकेट लॉगिन बात सामने आई है. इसके बाद जिला शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को अपने रिकॉर्ड की जांच करने के निर्देश जारी किए हैं.
स्कूलों से कहा गया है कि वे इनएक्टिव संस्थानों और डुप्लीकेट लॉगिन से संबंधित जानकारी तथा आवश्यक दस्तावेज तीन दिन के भीतर जिला समाज कल्याण कार्यालय में जमा करें.
इसको लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) चंद्र शेखर ने बताया कि पूरे डेटा का डिटेल वैरिफिकेशन किया जाएगा. इस प्रोसेस में इनएक्टिव स्कूलों और डुप्लीकेट एंट्रीज की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा, ताकि स्कॉलरशिप पोर्टल का रिकॉर्ड पूरी तरह सही और अपडेट रह सके.
तय समय सीमा में अपलोड करें स्कॉलरशिप
अधिकारियों ने स्कूलों को यह चेतावनी भी दी है कि पात्र छात्रों का विवरण समय पर पोर्टल पर अपलोड नहीं करने से छात्रवृत्ति की राशि वितरण में देरी हो सकती है. ऐसे में सभी स्कूलों को तय समय सीमा के भीतर जरूरी जानकारी अपलोड करनी होगी.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगर छात्र जानकारी जमा नहीं की जाती है, तो इससे छात्र की स्कॉलरशिप प्रभावित हो सकता है. फिर इससे संबंधित प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक जिम्मेदार माने जाएंगे. उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है.
स्कूल की लापरवाही से छात्र स्कॉलरशिप से न हो वंचित
अधिकारियों का कहना है कि छात्रवृत्ति योजनाओं की निगरानी राज्य और जिला स्तर पर की जाती है. ऐसे में गलत, निष्क्रिय या डुप्लीकेट रिकॉर्ड जिले की प्रदर्शन रैंकिंग और मॉनिटरिंग डैशबोर्ड पर असर डाल सकते हैं. प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि किसी भी पात्र छात्र को स्कूलों की लापरवाही या देरी के कारण छात्रवृत्ति से वंचित न रहना पड़े.
बता दें कि कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए संचालित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के पोर्टल पर गौतम बुद्ध नगर के करीब 175 स्कूल दर्ज थे. हालांकि नियमित रिव्यू के दौरान इनमें से केवल लगभग 60 स्कूल ही एक्टिव पाए गए.
ऐसे ही कक्षा 11 और 12 के स्टूडेंट्स के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के पोर्टल पर 133 स्कूल लिस्टेड थे, लेकिन इनमें से केवल 55 स्कूल ही एक्टिल मिले.
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