देशभर में NEET UG पेपर लीक को लेकर बवाल जारी है. इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है. अब तक सीबीआई ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं पेपर लीक को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच NEET-UG के अभ्यर्थियों के समर्थन में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) भी आ गया है. इस मामले को लेकर FAIMA ने सरकार के सामने 5 मांगे रखी हैं.
FAIMA ने NEET UG परीक्षा को लेकर सरकार के सामने रखी 5 मांगे
- परीक्षा की तारीखों का ऐलान जल्द से जल्द किया जाए. अभ्यर्थियों में इस बात को लेकर काफी चिंता है कि अगर तिथियां देरी से घोषित की गईं, तो उन्हें पहले से पढ़े गए विषयों के रिवीजन के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा.
- परीक्षा केंद्रों का आवंटन अभ्यर्थियों द्वारा चुने गए विकल्पों के आधार पर उनके घर के पास ही किया जाना चाहिए. इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त संसाधनों और यात्रा का अनावश्यक आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा.
- अगर सरकार परीक्षा के माध्यम या मोड में किसी भी प्रकार का बदलाव करने का फैसला लेती है, तो इसकी सूचना छात्रों को यथाशीघ्र दी जानी चाहिए ताकि वे मानसिक रूप से तैयार हो सकें.
- प्रवेश समय में लचीलापन हो, जो छात्र किसी भी अनिवार्य कारण से 10-20 मिनट की देरी से पहुंचते हैं, उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए. इससे छात्रों को अत्यधिक तनावपूर्ण स्थितियों से बचाया जा सकेगा.
- परीक्षा हॉल के भीतर पीने के पानी की उचित और सुचारू व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और परीक्षा प्रक्रिया परेशानी मुक्त रहे.
CBI ने लातूर के एक कॉलेज के रिटायर टीचर को हिरासत में लिया
सीबीआई नीट यूजी पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के लातूर में एक स्थानीय कॉलेज के एक रिटायर टीचर को हिरासत में लिया. लातूर शहर, कोचिंग संस्थानों के केंद्र के रूप में जाना जाता है और पूरे महाराष्ट्र से छात्र-छात्राएं यहां कोचिंग के लिए आते हैं. एक छात्र के अभिभावक ने शिकायत दर्ज कराई कि लातूर के एक निजी कोचिंग संस्थान द्वारा लिये गये ‘मॉक टेस्ट' में पूछे गए 42 सवाल परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के समान थे.
पांच आरोपी सात दिन के लिए सीबीआई हिरासत में
दिल्ली की एक अदालत ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को पूछताछ के लिए गैंगवार को सीबीआई की सात दिन की हिरासत में भेज दिया. अदालत ने इसी के साथ टिप्पणी की कि इन आरोपों से संकेत मिलता है कि परीक्षा के गोपनीय पेपर को लीक करने और आर्थिक लाभ के लिए प्रसारित करने में एक ‘संगठित गिरोह' की भूमिका थी. सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने संघीय एजेंसी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें यश यादव, मांगीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और शुभम मधुकर खैरनार को सात दिन की हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था.
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