NEET UG 2026 toppers: NEET UG 2026 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) में जबलपुर के आर्यमन सोलंकी 46वीं रैक हासिल की है. अपनी इस अचीवमेंट को लेकर आर्यमान ने कहा नीट रिएग्जाम कराने का फैसला आखिरकार उनके लिए फायदेमंद रहा. इससे उन्हें तैयारी के लिए ज्यादा समय मिल गया जिससे उन्हें अपने मार्क्स और रैंक दोनों को बेहतर करने में मदद मिली. यह बात आर्यमान सोलंकी ने एएनआई से बातचीत में कही है. और क्या कुछ आर्यमान ने कहा अपनी इस उपलब्धि को लेकर आइए आगे आर्टिकल में विस्तार से जानते हैं.
शुरुआत में हुई निराशा, फिर बदला नजरिया
ANI से बात करते हुए, आर्यमन ने कहा कि दोबारा रि-नीट की घोषणा से उन्हें झटका लगा क्योंकि उनका पहला एग्जाम बहुत अच्छा गया था. हालांकि, बाद में उन्होंने इस फैसले को पॉजिटिव लिया. मैंने सोचा कि NEET सभी 22 लाख बच्चों के लिए है, और शायद पहली परीक्षा में बच्चों की असली रैंक या क्षमता सामने नहीं आ पाई थी. दोबारा NEET कराने का फैसला सही था, और इसी वजह से मेरे मार्क्स और रैंक में काफी सुधार हुआ.पहली परीक्षा के बाद उन्हें मुझे लग रहा था कि मेरी रैंक उतनी अच्छी नहीं आ पाएगी, जितनी इस बार आई है.
AIIMS दिल्ली से पढ़ाई और यूरोलॉजी में करियर का है सपना
इस शानदान रैंक को हासिल करने के बाद आर्यमन ने कहा कि अभी सपना यूरोलॉजिस बनने का है, हालांकि अंतिम फैसला लेने से पहले वे मेडिकल स्पेशलाइजेशन के अलग-अलग फिल्ड को भी एक्सप्लोर करेंगे. पढ़ाई के दौरान यह बदल भी सकता है. मैंने अपने ऑप्शन खोल रखे हैं.
माता-पिता ने कहा- बचपन से था फोकस्ड
आर्यमन के माता-पिता, डॉ. फणींद्र सोलंकी और डॉ. अनुपमा सोलंकी खुद डॉक्टर हैं. उन्होंने बेटे की सफलता को लगातार कड़ी मेहनत और अनुशासन का नतीजा बताया. उनकी मां ने कहा कि वह बचपन से ही अपने गोल को लेकर बहुत फोकस्ड है. वहीं आर्यमान के पिता ने कहा कि AIIMS दिल्ली में दाखिला उनके परिवार के लिए एक सपना पूरा होने जैसा है.
यह भी पढ़ें- टॉपर पांशुल बंसल ने बताया NEET UG की तैयारी का मंत्र, इन किताबों की मदद से मिली इतनी बड़ी सफलता
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं