Success Story : अक्सर माना जाता है कि NEET जैसी कठिन परीक्षा में सफलता के लिए बड़े शहरों की महंगी कोचिंग जरूरी होती है. लेकिन बिहार के नवादा जिले के अमूल कुमार ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया. उन्होंने बिना किसी बड़े कोचिंग गए, घर पर रहकर सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई और लगातार मेहनत के दम पर NEET UG 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 7981 हासिल की है. तो चलिए जानते हैं अमूल ने घर से पढ़ाई करने के लिए क्या रणनीति अपनाई और कैसे टाइम मैनेज किया.
सपने बड़े हों, तो साधन मायने नही रखता
नवादा जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र के बलिया बुजुर्ग गांव निवासी अमूल कुमार एक साधारण परिवार से आते हैं. उनके पिता प्रमोद कुमार फोर्थ ग्रेड कर्मचारी हैं, जबकि मां बबीता देवी गृहिणी हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि उन्हें कोटा, पटना या दिल्ली जैसे शहरों में भेजा जा सके.
ऐसे में अमूल ने परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने घर को ही अपनी क्लासरूम बनाया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए नियमित पढ़ाई शुरू की.

हालात नहीं, हौसला तय करता है मंजिल
अमूल बताते हैं, "परिवार की आर्थिक स्थिति बाहर जाकर पढ़ाई करने की अनुमति नहीं देती थी. मैंने तय किया कि जो भी संसाधन उपलब्ध हैं, उन्हीं के सहारे पूरी ईमानदारी से तैयारी करूंगा. माता-पिता का भरोसा, शिक्षकों का मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास मेरी सबसे बड़ी ताकत बना."
वर्तमान में अमूल नवादा के वीआईपी कॉलोनी में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं. परिवार के लोगों के अनुसार, वे बचपन से ही अनुशासित और पढ़ाई के प्रति समर्पित रहे हैं. सोशल मीडिया और मोबाइल का सीमित उपयोग करते हुए उन्होंने अपना अधिकांश समय पढ़ाई और रिवीजन को दिया.
सफलता सही रणनीति और अभ्यास से मिलती है
शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि आज डिजिटल प्लेटफॉर्म ने ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए नए अवसर खोले हैं. गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन सामग्री, नियमित मॉक टेस्ट, NCERT पर मजबूत पकड़ और आत्मअनुशासन के साथ घर बैठे भी NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है.
अमूल की कामयाबी समाज के लिए प्रेरणा
अमूल कुमार की कहानी उन हजारों छात्रों के लिए उम्मीद की किरण है, जो आर्थिक चुनौतियों के कारण अपने सपनों को छोटा मान लेते हैं. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि मंजिल तक पहुंचने के लिए सबसे जरूरी चीज महंगी सुविधाएं नहीं, बल्कि बड़ा लक्ष्य, कड़ी मेहनत, धैर्य और खुद पर अटूट विश्वास है.
कभी-कभी एक सफलता सिर्फ एक छात्र की नहीं होती, बल्कि पूरे समाज को यह भरोसा दिलाती है कि सपनों की उड़ान संसाधनों से नहीं, हौसलों से तय होती है.
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