Prisoners Board Exam: गुजरात के सूरत से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने ये साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी बाधा पार की जा सकती है. यहां की लाजपोर जेल के कुल 11 कैदियों ने 12वीं की परीक्षा दी थी, जिसमें सभी पास हो गए हैं. यानी इस जेल का रिजल्ट 100 फीसदी रहा है. इनमें से कई लोगों पर हत्या जैसे गंभीर मुकदमे चल रहे हैं. जेल प्रशासन की तरफ से इन अपराधियों को सुधार का मौका दिया गया था, जिसके बाद इन्होंने मेहनत की और अब बोर्ड परीक्षा पास की है.
सजा काट रहे कैदियों ने मारी बाजी
हत्या के मामले में उम्रकैद काट रहा रोहित रतिराम यादव सफलता की मिसाल बना है. उम्रकैद की सजा मिलने के बावजूद उसके अंदर पढ़ने की ललक जगी और आखिरकार उसने 12वीं पास कर ली. उसके अलावा NDPS केस में 20 साल की सजा काट रहा सरफराज इकबाल पटेल भी 12वीं पास कर चुका है. उसकी कहानी भी काफी दिलचस्प है. वहीं हत्या के प्रयास में 7 साल की सजा काट रहा साहिल सुरेश पटेल ने भी ये परीक्षा दी थी और अब पास भी हो चुका है.
-
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न -
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज -
NDTV World Summit : क्या AI छीन लेगा नौकरियां? माइक वॉल्श ने दिया चौंकाने वाला जवाब -
NDTV World Summit 2026 : रोहतक से लंदन तक का सफर, मां-बेटे की जोड़ी ने सुनाई संघर्ष और सफलता की कहानी -
NDTV World Summit 2026: Asian Games में कैसे जीते 2 Gold Medal? Shooter Neeru Dhanda ने बताया -
AI न नौकरी खाएगा, न इंसानों की जगह लेगा... NDTV World Summit में माइक वॉल्श ने बता दिया AI का फ्यूचर -
रेलमंत्री वैष्णव ने बताया बुलेट ट्रेन में देरी की क्या रहीं वजहें, जापानी मंत्री के आरोपों का दिया जवाब
अपराध के बाद किताबों का सहारा
भले ही इन कैदियों ने कई गुनाह किए हों, जिनकी सजा इन्हें मिल चुकी है, लेकिन अब इनके हाथों में किताबों का दिखना काफी प्रेरणादायक है. कैदियों ने संकल्प लिया है कि अब अपने गुनाहों को भूलकर खुद को सुधारना है. एक गलती हुई है, लेकिन अब कोई भी गलती नहीं करेंगे. लाजपोर जेल में शिक्षा ने कैदियों को नई जिंदगी की शुरुआत करने का मौका दिया है. फिलहाल सलाखों के पीछे की ये कहानी सूरत में खूब चर्चा में है.
बता दें कि कई जेलों में ऐसे कैदी होते हैं, जिन्हें सुधार के मौके दिए जाते हैं. इनमें से कई कैदी जेल से ही अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं और बाहर आकर एक नई जिंदगी जीते हैं. गुजरात के सूरत में भी कुछ ऐसा ही हुआ है.
ये भी पढ़ें - CBSE ने जारी किया 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा का एडमिट कार्ड, cbse.gov.in से करें डाउनलोड
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं