JEE Advanced की परीक्षा होने के बाद अब उम्मीदवारों को क्वालिफाइंग कटऑफ का इंतजार है. क्वालिफाइंग कटऑफ को जो छात्र हासिल कर पाएंगे वही जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) काउंसलिंग में हिस्सा ले सकेंगे. साल 2026 की JEE Advanced परीक्ष IIT रुड़की ने आयोजित की है. इस एग्जाम का रिजल्ट 1 जून को जारी किया जाना है. पिछले कुछ साल में, Common Rank List (CRL) के लिए कुल क्वालिफ़ाइंग अंकों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जो परीक्षा के बदलते पैटर्न के कारण हैं. साथ ही पेपर की कठिनाई पर भी क्वालिफाइंग कटऑफ निर्भर करती है. इस साल JEE Advanced परीक्षा में फिजिक्स के सवाल मुश्किल थे. जबकि केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स आसान रहा.
अगर बात की जाए पिछले पांच सालों की क्वालिफाइंग कटऑफ की तो साल 2021 से 2025 तक, क्वालिफ़ाई करने के लिए जरूरी न्यूनतम प्रतिशत कुल अंकों के लगभग 15 प्रतिशत से 30 प्रतिशत के बीच रहा है. साल 2021-2022 में, क्वालिफ़ाइंग मार्क्स काफी कम थे. CRL कटऑफ़ कुल स्कोर का लगभग 15-17 प्रतिशत था. 2023 और 2024 में, कटऑफ़ काफी अधिक थी जो कि CRL के लिए 30 प्रतिशत से ज्यादा थी. वहीं 2025 में, इसमें थोड़ी गिरावट आई. जो कि लगभग 20-21 प्रतिशत थी.
इस साल क्या रहेगी JEE Advanced की कटऑफ
अनुमान है कि इस साल JEE Advanced 2026 की कटऑफ जनरल कैटेगरी (CRL) के लिए, 360 अंकों में से लगभग 93-100 अंक रह सकती है. जो कुल अंकों का लगभग 26-28 प्रतिशत है. OBC-NCL और EWS उम्मीदवारों के लिए, लगभग 83-90 अंक, यानी 23-25 प्रतिशत. SC, ST, तथा PwD उम्मीदवारों के लिए, लगभग 46-51 अंक, या 13-14 प्रतिशत.
हालांकि ये जरूरी नहीं है कि कटऑफ क्लियर करने से उम्मीदवार को उसके पसंद के कॉलेज में दाखिला मिल जाएगा. अच्छी रैंक पाने के लिए कटऑफ से ज़्यादा स्कोर करना ज़रूरी है. टॉप IITs में एडमिशन के लिए 360 में से 250 से ज्यादा अंक लाने की जरूरत होती है.
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