IIT का नाम सुनते ही लोगों के मन में सबसे पहले कोडिंग और मशीन लर्निंग जैसी चीजें आती हैं, लेकिन अब देश के तमाम IITs यहीं तक सीमित नहीं रह गए हैं. देश के बड़े आईआईटी में अब छात्रों को विदेशी भाषाओं को सीखने का मौका भी मिल रहा है. इसका मकसद छात्रों को सिर्फ टेक्निकल नॉलेज देना नहीं, बल्कि उन्हें ग्लोबल लेवल पर काम करने के काबिल बनाना है. विदेशी भाषाओं की जानकारी होने से छात्रों को विदेशों में नौकरियां आसानी से मिल पाएंगीं और कई नए दरवाजे खुलेंगे.
इन भाषाओं को सीखने का मौका
IITs में जापानी, जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश, मैंडरिन और कोरियाई भाषा सीखने के बेहतरीन मौके दिए जा रहे हैं. इनके लिए स्पेशल सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स कराए जा रहे हैं.
IIT मद्रास
आईआईटी मद्रास में 'सेंटर फॉर आउटरीच एंड कंटीन्यूइंग एजुकेशन' (COCE) जापानी, जर्मन, स्पेनिश और फ्रेंच भाषा में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स ऑफर करता है. ये उन छात्रों के लिए फायदेमंद है जो विदेशों में उच्च शिक्षा या रिसर्च के लिए जाना चाहते हैं.
IIT दिल्ली
यहां 'ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज' डिपार्टमेंट में जापानी, फ्रेंच और जर्मन जैसी भाषाओं में इलेक्टिव (Elective) कोर्स चलता है. संस्थान का मानना है कि इससे छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय शोध और वैश्विक कंपनियों (MNCs) में बढ़त मिलती है.
IIT बॉम्बे
आईआईटी बॉम्बे अपने भाषा विभाग और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के तहत जापानी और फ्रेंच सहित कई भाषाओं के शुरुआती और एडवांस लेवल कोर्स का ऑप्शन देता है. जापानी कंपनियों में आईआईटी के छात्रों की भारी मांग को देखते हुए जापानी भाषा सबसे ज्यादा लोकप्रिय है.
इनके अलावा IIT कानपुर और IIT खड़गपुर में भी ऐसे विदेशी भाषाओं के कोर्स कराए जा रहे हैं. ये कोर्स शॉर्ट-टर्म और क्रेडिट-बेस्ड कोर्स हैं, ज्यादातर छात्र इन्हें करते हैं, क्योंकि ये उनके लिए हाई सैलरी पैकेज और अच्छी नौकरी के लिए जरूरी है. अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान होने से यूरोप और जापान की बड़ी कंपनियों में नौकरी मिलना आसान हो जाता है और विदेश से रिसर्च करने के मौके भी बढ़ जाते हैं.
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