दिल्ली सरकार ने S.S. Mota Singh Sr. Sec. Model School को कथित तौर पर घोर लापरवाही और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफलता के मामले में नोटिस जारी किया है. जारी किए गए नोटिस के अनुसार, स्कूल परिसर में स्कूल के समय के दौरान कथित तौर पर एक नर्सरी के छात्र के साथ छेड़छाड़ की गई. शिक्षा विभाग ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया है. शुरुआती जांच में कथित तौर पर यह पाया गया कि स्कूल के अंदर संवेदनशील जगहों पर CCTV कैमरे नहीं लगे थे और बच्चों की सुरक्षा के लिए निगरानी के पर्याप्त इंतजाम भी नदारद थे.
"घोर लापरवाही"
विभाग ने कहा कि स्कूल प्रशासन बच्चों की सुरक्षा, निगरानी और बचाव के उचित उपाय लागू करने में नाकाम रहा. नोटिस में यह भी कहा गया है कि स्कूल प्रशासन, सुरक्षा और कामकाज से जुड़ी शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं, लेकिन प्रबंधन ने कथित तौर पर कोई प्रभावी सुधारात्मक कदम नहीं उठाया. शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन के रवैये को 'घोर लापरवाही' और 'कर्तव्य की गंभीर अवहेलना' बताते हुए कहा कि इससे बच्चों की शारीरिक और मानसिक सुरक्षा खतरे में पड़ गई.
जांच में आगे यह भी पता चला कि स्कूल की नर्सरी और प्री-प्राइमरी कक्षाएं मुख्य मान्यता प्राप्त परिसर से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित एक निजी परिसर से चलाई जा रही थीं. विभाग के अनुसार, ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि शिक्षा निदेशालय या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी से उस निजी परिसर में कक्षाएं चलाने की अनुमति ली गई थी.
नोटिस में कहा गया है कि यह कदम स्कूल की मान्यता की शर्तों, DDA के भूमि आवंटन नियमों और दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना जा सकता है. विभाग ने कहा कि बच्चों को उस निजी परिसर में भेजना सुरक्षा मानकों, अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी नियमों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है.
दिल्ली के शिक्षा विभाग ने स्कूल से यह स्पष्टीकरण मांगा है कि उसकी मान्यता रद्द क्यों न की जाए और दिल्ली स्कूल शिक्षा नियमों के नियम 24(4) के तहत स्कूल का प्रबंधन अपने हाथ में क्यों न ले लिया जाए. विभाग ने यह चेतावनी भी दी है कि वह DDA से स्कूल की भूमि का पट्टा/आवंटन रद्द करने की सिफारिश कर सकता है.
11 मई, 2026 तक देना होगा जवाब
स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वह इस घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट, CCTV फुटेज, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों का विवरण, FIR की कॉपी, स्कूल की सुरक्षा नीति और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रस्तावित उपायों का विवरण विभाग को दे. शिक्षा निदेशालय ने कहा कि यदि 11 मई, 2026 तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया , तो स्कूल की मान्यता रद्द करने और प्रबंधन को अपने अधीन लेने सहित सख्त प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की जा सकती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं