सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों को लेकर छात्रों की बढ़ती चिंताओं पर बयान जारी किया है. यह बयान NDTV की रिपोर्ट और सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल के बीच आई है, जिसमें छात्रों और परीक्षकों ने नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली पर सवाल उठाए थे. CBSE ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर छात्रों द्वारा जताई जा रही चिंताओं को लेकर 'बेहद संवेदनशील' है और OSM प्रणाली को मूल्यांकन में 'एकरूपता' और तय मार्किंग स्कीम के पालन के लिए लागू किया गया है. NDTV ने कई छात्रों और परीक्षकों से बात की थी, जिन्होंने दावा किया कि इस बार उनके अंक उम्मीद से काफी कम आए हैं, जबकि उन्होंने JEE Main और NEET जैसी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन किया.
दिल्ली के छात्र सुभ जाजोरिया ने NDTV से कहा, “JEE Main क्लियर करने के बाद मुझे JEE Advanced की तैयारी कर रहा हूं , लेकिन अब चिंता इस बात की है कि 75 प्रतिशत से कम अंक होने की वजह से IIT एडमिशन के लिए पात्र रहूंगा या नहीं.” शिक्षक संजीव झा ने बताया कि कई बार स्कैन की गई कॉपियां स्पष्ट नहीं थीं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह सीधे जवाब लिखने वाले छात्रों को स्टेप-वाइज डिजिटल मूल्यांकन में नुकसान हुआ.
CBSE क्या दी सफाई
CBSE ने सफाई देते हुए कहा कि अनुभवी शिक्षकों द्वारा तैयार की गई मार्किंग स्कीम में “वैकल्पिक तरीकों से दिए गए उत्तरों” को भी शामिल किया गया है ताकि छात्रों का निष्पक्ष मूल्यांकन हो सके. बोर्ड ने कहा कि असंतुष्ट छात्र मार्क्स वेरिफिकेशन, उत्तर पुस्तिका की कॉपी और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही 1800-11-8004 और resultcbse2026@gmail.com के जरिए काउंसलिंग और सहायता भी उपलब्ध कराई गई है.
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