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CBSE 12वीं रिजल्ट जल्द होगा जारी, जानिए क्या है नया ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम

CBSE on-screen marking system : इस साल CBSE ने एक बड़ा बदलाव करते हुए 12वीं क्लास की कॉपियों को चेक करने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू किया है. इसके जरिए छात्रों की कॉपियों को डिजिटली चेक किया गया है. जबकि पहले यह काम फिजिकली किया जाता था.

CBSE 12वीं रिजल्ट जल्द होगा जारी, जानिए क्या है नया ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम
CBSE 12वीं का रिजल्ट कभी भी हो सकता है जारी

CBSE on-screen Marking System: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) जल्द ही 12वीं क्लास का रिजल्ट जारी करने जा रहा है, जिसका इंतजार लाखों छात्र कर रहे हैं. रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ऑफिशियल वेबसाइट results.cbse.nic.in पर जाकर अपना स्कोर चेक कर सकेंगे. इसके लिए उन्हें रोल नंबर, जन्म तिथि और दूसरी जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी. अगर कोई छात्र अपने मार्क्स से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे रीचेकिंग के लिए आवेदन करने का ऑप्शन भी मिलेगा. खास बात यह है कि इस साल CBSE ने कॉपी चेक के तरीके में बड़ा बदलाव करते हुए नया डिजिटल सिस्टम लागू किया है.

क्या है ऑन-स्क्रीन मार्किंग?

इस साल CBSE ने एक बड़ा बदलाव करते हुए 12वीं क्लास की कॉपियों को चेक करने के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया है. इसके जरिए छात्रों की कॉपियों को डिजिटली चेक किया गया है. जबकि पहले यह काम फिजिकली किया जाता था. हालांकि, 10वीं क्लास की कॉपियां फिजिकली ही चेक की गई थीं. इस नए सिस्टम का मकसद चेकिंग प्रोसेस को ज्यादा पारदर्शी और सटीक बनाने की कोशिश की गई है.

ऑन-स्क्रीन मार्किंग से कम होंगी गलतियां!

ट्रेडिशनल फिजिकल कॉपी चेकिंग सिस्टम में कई सामान्य गलतियां सामने आती थीं, जैसे मार्क्स का गलत जोड़, उत्तर पुस्तिका के कुछ पन्नों का छूट जाना या अलग-अलग एग्जामिनर की ओर से मार्क्स देने में गलती. लेकिन 12वीं क्लास के लिए लागू की गई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम इन समस्याओं को काफी हद तक खत्म करने के लिए तैयार किया गया है.

इस डिजिटल प्रोसेस में मॉर्क्स का टोटल अपने आप सिस्टम जेनरेट करता है, जिससे जोड़ में गलती की संभावना खत्म हो जाती है. इसके साथ ही इवैल्यूएशन शुरू करने से पहले स्कैन की गई कॉपी के हर पेज की जांच और पुष्टि जरूरी होती है, ताकि कोई पन्ना छूट न जाए. इसके अलावा एग्जामिनर को हर सवाल का अलग-अलग इवैल्यूएशन करना अनिवार्य है और अगर कोई सवाल बिना जांचे रह जाता है, तो सिस्टम आगे बढ़ने की इजाजत नहीं देता है.

क्या मिलेगी रीचेकिंग की सुविधा?

रिजल्ट जारी होने के बाद आमतौर पर CBSE छात्रों को रीचेकिंग और रीवैल्यूएशन का ऑप्शन देता है. इस साल भी उम्मीद की जा रही है कि छात्र तय प्रोसेस के जरिए अपने मार्क्स की दोबारा जांच के लिए आवेदन कर सकेंगे. CBSE की 12वीं क्लास के बोर्ड एग्जाम 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 के बीच कराए गए थे. 

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