इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI), चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) के सिलेबस में बड़ा बदलाव करने जा रहा है. अब जो भी छात्र चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) कोर्स करेंगे उन्हें आनेवाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा एनालिटिक्स और दूसरे नए विषयों को पढ़ना होगा. अलग-अलग इंडस्ट्रीज़ में टेक्नोलॉजी और डिजिटल टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल के चलते ICAI ने CA सिलेबस के करिकुलम को अपडेट करने का फैसला किया है. बता दें कि अभी लाखों स्टूडेंट्स CA प्रोग्राम कर रहे हैं. वहीं ICAI के पूरे देश में पांच लाख से ज़्यादा सदस्य हैं. इंस्टीट्यूट का मकसद सिलेबस को अपडेट कर इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों को पूरा करना है और भविष्य के लिए छात्रों को प्रोफेशनल तरीक से तैयार करना है.
"टेक्नोलॉजी अकाउंटिंग पेशे का एक अहम हिस्सा"
ICAI के अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार डी ने नए करिकुलम पर बात करते हुए कहा, टेक्नोलॉजी अकाउंटिंग पेशे का एक अहम हिस्सा है. जिससे AI और डेटा एनालिटिक्स चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए ज़रूरी हुनर बन गए हैं. AI अब सिर्फ़ इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है. नौकरी करने वाले और प्रैक्टिस करने वाले, दोनों तरह के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को अपने पेशेवर काम के लिए AI-आधारित टूल्स और डेटा एनालिसिस की जानकारी होनी चाहिए.
वर्तमान में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, ESG, सस्टेनेबिलिटी और फोरेंसिक ऑडिटिंग जैसे विषय CA करिकुलम में औपचारिक रूप से शामिल नहीं हैं. हालाँकि, ICAI इन क्षेत्रों को संशोधित शिक्षा संरचना के हिस्से के रूप में एकीकृत करने की योजना बना रहा है.
ICAI ने मौजूदा CA सिलेबस की समीक्षा करने और आवश्यक परिवर्तनों की सिफारिश के लिए 'शिक्षा और प्रशिक्षण समीक्षा समिति' (CRET) का गठन किया है. यह समिति सिलेबस , व्यावहारिक प्रशिक्षण संरचना, सॉफ्ट स्किल्स के विकास, संचार प्रशिक्षण और परीक्षा पद्धतियों की समीक्षा करेगी.
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