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बिहार मैट्रिक में जाले के प्रशांत मिश्रा ने रचा इतिहास, टॉप‑10 में बनाई जगह

बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 में जाले प्रखंड के प्रशांत कुमार मिश्रा ने दसवां स्थान हासिल कर टॉप‑10 में जगह बनाई है. गांव में रहकर पढ़ाई करने वाले प्रशांत का सपना सिविल सर्विस कर जिलाधिकारी बनकर देश की सेवा करना है.

बिहार मैट्रिक में जाले के प्रशांत मिश्रा ने रचा इतिहास, टॉप‑10 में बनाई जगह
  • बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा 2026 में प्रशांत कुमार मिश्रा ने दसवां स्थान प्राप्त कर प्रदेश में पहचान बनाई
  • प्रशांत जाले प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय के छात्र हैं और नरौछ बिहारी गांव के निवासी हैं
  • उनके पिता संतोष मिश्रा पुणे में पुरोहित का कार्य करते हैं और परिवार का खर्च उन्हीं के पैसे से चलता है
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बिहार बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट घोषित हो चुका है. जिसमें छात्र-छात्राओं ने कमाल का प्रदर्शन किया है. बिहार बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट घोषित होते ही प्रदेशभर में छात्र‑छात्राओं के शानदार प्रदर्शन की चर्चा भी शुरू हो गई है. इसी कड़ी में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित मैट्रिक परीक्षा में दसवां स्थान हासिल कर प्रशांत कुमार मिश्रा ने भी सुर्खियां बटोर ली है.

जाले प्रखंड के स्कूल से पढ़कर टॉप‑10 में बनाई जगह

प्रशांत जाले प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, बिहारी राढ़ी के छात्र हैं और नरौछ बिहारी गांव के निवासी हैं. उन्होंने मेहनत और लगन के दम पर राज्य स्तर की टॉप‑10 सूची में जगह बनाई है. प्रशांत कुमार मिश्रा के पिता संतोष मिश्रा महाराष्ट्र के पुणे में पुरोहित का कार्य करते हैं. पिता के बाहर रहने के कारण प्रशांत गांव में अपनी मां और दो बहनों के साथ रहकर पढ़ाई करते हैं.

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पिता पुणे में पुरोहित, गांव में मां‑बहनों के साथ पढ़ाई

उनके पिता साल में दो बार ही गांव आ पाते हैं और उन्हीं के द्वारा भेजे गए पैसों से परिवार का खर्च चलता है. प्रशांत की मां लीना मिश्रा गृहणी हैं और पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालती हैं. परिवार में प्रशांत की दो बहनें हैं, जिनमें एक उनसे बड़ी और एक छोटी है. प्रशांत के दादाजी मूल रूप से किसान थे, जिससे परिवार की पृष्ठभूमि साधारण रही है.

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DM बनकर देश सेवा का सपना

अपनी आगे की योजना के बारे में बताते हुए प्रशांत कुमार मिश्रा ने कहा कि वे सिविल सर्विस की तैयारी करना चाहते हैं और जिलाधिकारी बनकर देश की सेवा करना उनका लक्ष्य है. इस बड़ी सफलता के मौके पर पिता के साथ मौजूद न रह पाने का उन्हें थोड़ा दुख जरूर है, लेकिन उन्होंने इसे अपने भविष्य के लिए प्रेरणा बताया है.

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