Career Scope : 12वीं का रिजल्ट आते ही छात्रों और अभिभावकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि आगे कौन सा कोर्स चुना जाए. अगर आप बिजनेस, कॉर्पोरेट नौकरी या मैनेजमेंट सेक्टर में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके पास दो सबसे पॉपुलर ऑप्शन होते हैं BBA और BBM. अक्सर लोग इन दोनों कोर्स को एक जैसा ही समझ लेते हैं, लेकिन असल में इन दोनों की पढ़ाई और उद्देश्य में काफी अंतर होता है. अगर आप भी इन दोनों में से किसी कोर्स में दाखिला लेने का सोच रहे हैं, तो आइए जानते हैं आपके लिए कौन सा कोर्स बेस्ट रहेगा.
BBA क्या है?
BBA का पूरा नाम बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन है. यह 3 साल का एक ग्रेजुएशन कोर्स है. इस कोर्स का मुख्य मकसद छात्रों को बिजनेस के हर पहलू से वाकिफ कराना है.
क्या पढ़ाया जाता है
इसमें आपको मार्केटिंग, फाइनेंस यानी पैसा संभालना, अकाउंटिंग, ह्यूमन रिसोर्स (HR), बिजनेस कम्युनिकेशन और मैनेजमेंट से जुड़ी बेसिक्स बातें सिखाई जाती हैं.
किसे चुनना चाहिए
अगर आप भविष्य में एमबीए (MBA) करना चाहते हैं, कॉर्पोरेट वर्ल्ड में जाना चाहते हैं या खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो BBA आपके लिए एक मजबूत नीव की तरह काम करेगा.
BBM क्या है?
BBM का पूरा नाम बैचलर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट है. यह कोर्स मुख्य रूप से 'मैनेजमेंट' और 'लीडरशिप स्किल्स' पर केंद्रित होता है.
क्या पढ़ाया जाता है
इस कोर्स में सिर्फ बिजनेस की थ्योरी नहीं, बल्कि टीम को कैसे लीड करना है, सही समय पर कैसे फैसले लेने हैं, संकट के समय कंपनी को कैसे संभालना है और बिजनेस की समस्याओं को कैसे सुलझाना है, यह सिखाया जाता है.
किसे चुनना चाहिए
अगर आपकी रुचि टीम हैंडल करने, लोगों से काम कराने और मैनेजरियल फैसले लेने में ज्यादा है, तो BBM आपके लिए बेस्ट है.
BBA vs BBM: दोनों में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
आसान शब्दों में BBA आपको बिजनेस चलाना सिखाता है, जबकि BBM आपको बिजनेस और टीम को बेहतर तरीके से मैनेज करने की कला सिखाता है.
करियर स्कोप और सैलरी
BBA और BBM, दोनों ही कोर्स करने के बाद प्राइवेट और कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरियों की भरमार है.
BBA के करियर ऑप्शन
आप मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव, HR एग्जीक्यूटिव, फाइनेंस एग्जीक्यूटिव, सेल्स मैनेजर या बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर बन सकते हैं.
BBM के बाद करियर ऑप्शन
आप ऑपरेशन्स मैनेजमेंट, बिजनेस कंसल्टिंग, टीम मैनेजमेंट और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे लीडरशिप वाले पदों पर काम कर सकते हैं.
सैलरी
दोनों ही कोर्स करने के बाद शुरुआती सैलरी 3 लाख रुपये से 6 लाख रुपये सालाना के बीच हो सकती है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने किस कॉलेज से पढ़ाई की है और आपके अंदर कितनी अच्छी स्किल्स हैं.
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