- CBI ने महाराष्ट्र के लातूर से RCC कोचिंग के संचालक शिवराज मोटेगांवकर को पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है
- NDTV के कैमरे पर RCC के ब्रांच के मैनेजर ने दावा किया कि NEET के सभी प्रश्न उनके स्टडी मटीरियल से आते हैं
- मोटेगांवकर पेपर लीक गैंग का सदस्य है और उसके पास परीक्षा से पहले ही NEET का पूरा प्रश्नपत्र था
मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET-UG 2026 के पेपर लीक मामले में CBI ने महाराष्ट्र के लातूर से रेणुकाई केमेस्ट्री क्लासेस (RCC) चलाने वाले शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है. अब RCC की नासिक ब्रांच के मैनेजर ने NDTV के कैमरे पर कई राज खोले हैं. मैनेजर ने NDTV के कैमरे पर दावा किया है कि NEET एग्जाम में 180 में से 180 क्वेश्चन उनके स्टडी मेटीरियल से ही आते हैं.
RCC कोचिंग संस्थान का सच जानने के लिए NDTV ने हिडन कैमरा लगाया था. इसी कैमरे पर उसके मैनेजर ने सारे राज उगल दिए हैं. पेपर लीक के आरोपियों को RCC ही कोचिंग देती थी. गारंटी थी कि NEET में 100% क्वेश्चन उनके स्टडी मटीरियल से ही आएंगे. यही दावा RCC के मैनेजर ने भी किया है.
शिवराज मोटेगांवकर कथित तौर पर पेपर लीक करने वाले संगठित गिरोह का सदस्य है और उसके पास एग्जाम से पहले ही NEET का पूरा पेपर आ गया था.
RCC की नासिक ब्रांच में जब NDTV पहुंचा तो पता चला कि पैरेंट्स को भरोसा देने के लिए बुकलेट और क्वेश्चन पेपर का 'रेफरेंस' दियाा जाता था. दावा था कि नेशनल और लोकल लेवल की सभी कोचिंग से ज्यादा रिजल्ट RCC में ही आता है. स्टडी मटैरियल और टेस्ट सीरीज से ही प्रश्न आने का दावा भी संस्थान करता था.

मैनेजर ने दावा किया, 'हमारे रिजल्ट पूरे भारत में सबसे बेहतरीन हैं. चाहे आप AIIMS कॉलेजों को देखें या सरकारी मेडिकल कॉलेजों को. मैं पूरे देश की बात कर रहा हूं. हम एकमात्र ऐसे कोचिंग संस्थान हैं, जिनका पासिंग पर्सेंटेज सबसे ज्यादा है. आप भारत के किसी भी मेडिकल कॉलेज में चले जाइए, आपको हर कॉलेज में कम-से-कम एक RCC का छात्र जरूर मिलेगा. हम आपको इस बात का पूरा भरोसा दिलाते हैं. किसी भी दूसरे कोचिंग संस्थान के नतीजे आज तक इतने शानदार नहीं रहे हैं.'
इसके बाद उन्होंने यह दावा किया कि पिछले NEET एग्जाम के सवाल RCC के स्टडी मटीरियल में दिए गए सवालों से मेल खाते हैं, और अगर माता-पिता चाहें, तो हम उन्हें उन सवालों के पेज नंबर और रेफरेंस भी दे सकते हैं.

यह भी सामने आया कि नासिक और लातूर ब्रांच से बड़े पैमाने पर सरकारी मेडिकल कॉलेज में सिलेक्शन का दावा किया जा रहा है. NEET क्रैक कराने के नाम पर छात्रों को 'पक्का एश्योरेंस' दिया जा रहा था.
मैनेजर ने दावा किया, 'हम यह दिखा रहे हैं कि 180 में से 180 सवाल हमारे स्टडी मटीरियल में कहीं न कहीं पहले से मौजूद थे. मैं रैंडमली कोई भी पेज खोलकर यह दिखा सकता हूं. उदाहरण के लिए, यह केमिस्ट्री का है, यह बायोलॉजी का है. फिजिक्स के लिए भी यही बात लागू होती है.'
मैनेजर के इस तरह के दावे के बाद सवाल उठता है कि क्या 'रिजल्ट' और 'गारंटी' के नाम पर कोचिंग नेटवर्क के पीछे कोई बड़ा खेल चल रहा था?
मोटेगांवकर को क्यों किया गिरफ्तार?
पेपर लीक केस में सोमवार को CBI ने शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है. रविवार को तलाशी के दौरान CBI को मोटेगांवकर के मोबाइल फोन में लीक पेपर मिला था.
CBI ने बताया कि मोटेगांवकर पेपर लीक करने वाले गैंग का एक्टिव मेंबर था. NEET का पेपर सर्कुलेट करने में भी इसकी भूमिका थी.
अधिकारियों ने बताया कि मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची थी. 23 अप्रैल को होने वाले एग्जाम से पहले ही उसे NEET UG का पेपर और उसके जवाब मिल गए थे. आरोप है कि उसने इस पेपर को कई लोगों तक पहुंचाया था.
(रिपोर्टः राहुल वाघ)
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