NEET Paper Leak: देश की बड़ी मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा नीट का पेपर लीक होने के बाद अब सीबीआई मामले की जांच कर रही है. इस पूरे रैकेट के तार कई लोगों तक पहुंच रहे हैं. यही वजह है कि राजस्थान से लेकर महाराष्ट्र तक गिरफ्तारियों का दौर जारी है. इसी बीच एक ऐसे शख्स का नाम भी सामने आया है, जिसने अपने सफर की शुरुआत साइकिल से की थी और आज कोचिंग इंडस्ट्री का बड़ा नाम बन चुका है. सीबीआई ने पेपर लीक मामले में इस शख्स को गिरफ्तार भी कर लिया है. आइए जानते हैं कौन है ये कोचिंग माफिया और कैसे इसके तार नीट पेपर लीक से जुड़े थे.
कोचिंग जगत का बड़ा नाम बन चुके इस शख्स का नाम शिवराज मोटेगांवकर है. सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले में हाल ही में इस शख्स को गिरफ्तार किया है. शिवराज मोटेगांवकर की कहानी बड़ी दिलचस्प है, जिससे ये पता चलता है कि कैसे उसने कम समय में ही अपना बड़ा साम्राज्य खड़ा कर दिया.
साइकिल से महंगी कार तक का सफर
शिवराज मोटेगांवकर एक किसान परिवार से आता है, जिसने एक किराये के कमरे में 10 बच्चों को ट्यूशन देना शुरू किया था. तब वो साइकिल से ट्यूशन देने के लिए आता था. शिवराज के कोचिंग सेंटर की वेबसाइट के मुताबिक, उसने केमिस्ट्री में एम.एससी (M.Sc) किया और बोर्ड और एंट्रेंस परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को केमिस्ट्री पढ़ाना शुरू किया.
करीब दो दशकों के अपने कोचिंग करियर में शिवराज मोटेगांवकर ने रेणुकाई करियर सेंटर (RCC) को खड़ा किया और इसे महाराष्ट्र के सबसे बड़े कोचिंग सेंटर्स में से एक बना दिया. आज इसके लातूर, पुणे, नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर, कोल्हापुर और अकोला में सेंटर्स हैं. करीब 40 हजार से ज्यादा छात्र हर साल एडमिशन लेते हैं और फीस करीब 50 हजार रुपये तक है. यानी आज इस कोचिंग सेंटर की कमाई करोड़ों में है. छात्र मोटेगांवकर को एम सर (M Sir) के नाम से जानते हैं.
नीट पेपर लीक से कैसे जुड़े तार?
नीट पेपर लीक के बाद सीबीआई की रडार पर कई लोग हैं, जिनमें से एक नाम शिवराज मोटेगांवकर का भी था. मोटेगांवकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा था, जिसमें वो छात्रों से पूछ रहा है कि आरसीसी के मॉक टेस्ट से कितने सवाल असली नीट के पेपर में आए थे. इसके जवाब में छात्रों ने उनसे बताया कि सर ज्यादातर सवाल वहीं से थे. इसे आधार बनाते हुए सीबीआई ने लातूर में आरसीसी के ठिकानों पर तलाशी ली और उसी समय पुणे में मोटेगांवकर से पूछताछ भी शुरू हो गई.
सीबीआई उन 42 केमिस्ट्री के सवालों की जांच कर रही है, जिन्हें कोचिंग संस्थान ने परीक्षा से पहले गेग क्वेश्चन कहकर छात्रों में बांटा था. जांच में इन सवालों और लीक हुए पेपर के हिस्सों के बीच काफी समानताएं पाई गई हैं. आरोप है कि मोटेगांवकर ने परीक्षा से पहले ही नीट पेपर हासिल कर लिया था और इसके बाद अपनी कोचिंग के छात्रों में बांट दिया. उसके मोबाइल फोन से भी लीक हुए सवाल मिले हैं, साथ ही उस पर परीक्षा के बाद लीक हुए सवालों को नष्ट करने का आरोप है.
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