पालम अग्निकांड: इन दो लोगों की जान बचना किसी करिश्मे से कम नहीं, तारों ने बचाई बच्ची की जान, बेटा ICU में पर त्रासदी से अनजान

दिल्ली के पालम इलाके में लगे भीषण आग में जहां एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई, वहीं एक दिल दहला देने वाली अफरा‑तफरी के बीच डेढ़ साल की बच्ची चमत्कारिक रूप से बच गई. बच्ची तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई थी, लेकिन ओवरहेड बिजली के तारों ने उसका गिरना धीमा कर दिया और उसकी जान बच गई.

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नई दिल्ली:

दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार सुबह लगी भयावह आग ने एक ही परिवार के 9 लोगों की जान ले ली, लेकिन इस त्रासदी के बीच दो चमत्कारी बचावों ने लोगों को हिला दिया. एक ओर 1.5 साल की बच्ची तीसरी मंजिल से गिरकर भी बिजली के तारों के सहारे बच गई, वहीं दूसरी ओर परिवार का सबसे छोटा जीवित बेटा, 29 वर्षीय सचिन, ICU में भर्ती है. वो अब तक अनजान है कि उसके पूरे परिवार की मौत हो चुकी है.

बिजली के तारों ने बचाई बच्ची की जान 

आग तेजी से फैलने के दौरान तीसरी मंजिल पर फंसे अनिल ने अपनी बच्ची को बचाने की कोशिश की. सीढ़ियां धुएं से भर चुकी थीं और फायर ब्रिगेड की सीढ़ी तीसरी मंजिल तक पहुंच नहीं पा रही थी. इसी अफरा-तफरी में बच्ची उसके हाथ से फिसलकर नीचे गिर गई, लेकिन ओवरहेड बिजली के तारों ने उसका गिरना धीमा कर दिया. बच्ची की दोनों टांगों में फ्रैक्चर है, जबकि अनिल के सिर में चोट आई है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही बच्ची नीचे आई, एक दमकल कर्मी ने पकड़ने की कोशिश की लेकिन घने धुएं के कारण ठीक से पकड़ नहीं बना सका. इसके बावजूद गिरने की रफ्तार इतनी धीमी हो चुकी थी कि बच्ची की जान बच गई.

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ICU में सचिन, परिवार की मौत से अनजान

आग का पहला पता चलने वाला परिवार का सदस्य सचिन था. धुआं फैलते ही उसने दरवाजा खोलने की कोशिश की, इसी दौरान उसके हाथ और चेहरा बुरी तरह झुलस गए. वह किसी तरह छत पर पहुंचा और पड़ोस के घर में छलांग लगाकर जान बचाई. पड़ोसियों ने उसे सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया, जहां वह अब ICU में भर्ती है. डॉक्टर्स के अनुसार उसकी हालत गंभीर है और उसे अभी परिवार के निधन की सूचना नहीं दी गई है.

'दमकल की गाड़ी का हाइड्रोलिक सिस्टम फेल था'

स्थानीय लोगों ने बताया कि वे लगातार खिड़कियां और दीवार तोड़कर अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन धुआं इतना घना था कि किसी का अंदर टिक पाना मुश्किल था. एक पड़ोसी ने कहा कि दमकल विभाग की पहली गाड़ी का हाइड्रोलिक सिस्टम करीब 45 मिनट तक काम नहीं कर रहा था, जिससे बचाव में देरी हुई.

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कई लोगों ने आरोप लगाया कि यदि उपकरण समय पर काम कर जाते, तो कुछ लोगों को बचाया जा सकता था.

कैसे फैली आग?

बता दें कि बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर परिवार का कपड़ों और कॉस्मेटिक का शो-रूम था. पड़ोसियों के अनुसार, अत्यधिक ज्वलनशील सामान और वेंटिलेशन की कमी की वजह से आग अचानक तेज हुई और पूरी इमारत धुएं से भर गई.

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फायर ब्रिगेड की लगभग 30 गाड़ियां और 11 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं. पुलिस, BSES, एयरफोर्स पुलिस और NDRF के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर रेस्क्यू किया गया. आग पर काबू पा लिया गया है और फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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